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Home remedies for Viral fever

वायरल फीवर का रामबाण इलाज (Home remedies for Viral fever in hindi) – शायद ही कोई इंसान हो जिसने वायरल फीवर का नाम ना सुना हो, हालाँकि वायरल फीवर की समस्या किसी भी पुरुष या महिला को हो सकती है आमतौर पर वायरल फीवर बच्चो में ज्यादा देखने को मिलता है| वायरल फीवर किसी भी वायरस की वजह से हो सकता है, वायरल बुखार की समस्या विशेषकर मौसम बदलने के दौरान देखी जाती है| दरसल जब भी मौसम में बदलाव होता है तो तापमान कम या ज्यादा होने की वजह से शरीर की प्रतिरक्षी तंत्री कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से शरीर वायरस से संक्रमित हो जाता है।

आज के समय में वायरल फीवर की समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है, शायद ही कोई इंसान हो जिसने कभी ना कभी वायरल फीवर की परेशानी का सामना ना करा हो| वायरल बुखार को ठीक होने में कई दिन भी लग सकते है, वायरल फीवर की समस्या बरसात के मौसम में ज्यादा देखें को मिलती है| वायरल फीवर एक संक्रमक रोग है अगर घर के किसी एक सदस्य को वायरल फीवर की समस्या हो जाती है तो परिवार के अन्य सदस्यो में भी वायरल बुखार होने की प्रबल सम्भावना होती है| इस बुखार में रोगी के पूरे शरीर में दर्द और सर में दर्द की परेशानी हो सकती है, इस बुखार का इलाज अगर समय पर ना किया जाएं तो पीड़ित को काफी सारी परेशानियो का सामना करना पढ़ सकता है|

आमतौर पर वायरल फीवर का इलाज करने के लिए इंसान एंटी-बायोटिक्स दवा का सेवन करते है, लेकिन कया आप जानते है वायरल बुखार का उपचार आप घरेलू नुस्खे अपनाकर भी कर सकते है| वायरल फीवर से पीड़ित इंसान इंटरनेट पर वायरल बुखार के लक्षण ,  वायरल फीवर सिम्पटम्स, वायरल बुखार का रामबाण इलाज, वायरल फीवर ट्रीटमेंट मेडिसिन, वायरल फीवर का घरेलू उपचार, बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण इत्यादि लिखकर सर्च करता है| आज हम अपने इस लेख में वायरल फीवर के घरेलू नुस्खों के बारे में बताने वाले है लेकिन सबसे पहले आपको वायरल बुखार के लक्षण के बारे में भी जानना बहुत जरुरी है

Table of Contents

वायरल फीवर क्या है (What is Viral Fever in hindi)

वायरल बुखार का नाम तो लगभग सभी जानते ही है, वायरल बुखार एक संक्रामक रोग होता है| आमतौर पर वायरल फीवर होने का कारण संक्रमण होता है, आयुर्वेद के अनुसार शरीर की प्रत्येक बिमारी होने का कारण तीनो दोषो में असंतुलन होता है| वायरल फीवर होने का कारण कफ दोष को मन जाता है|

वायरल फीवर होने के लक्षण कया है ? (Symptoms of  Viral Fever in Hindi)

हालाँकि वायरल फीवर के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) सामान्य बुखार की तरह ही होते है, लेकिन फीवर के लक्षणों को कभी नजरअन्दाज नहीं करने चाहिए| दरसल कुछ इंसान वायरल फीवर होने पर इलाज में लापरवाही कर देते है क्योंकि उन्हें लगता है की आम बुखार हुआ है| हालाँकि बुखार कैसा भी हो कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए तुरंत इलाज करने बहुत जरुरी है| वायरल फीवर से पीड़ित इंसान के संपर्क में आने वाले इंसानो को भी वायरल फीवर अपनी चपेट में ले सकता है|

हालाँकि वायरल फीवर की समस्या किसी भी उम्र के पुरुष या महिला में हो सकती है लेकिन बच्चों में वायरल फीवर अधिक देखा जाता है। बच्चो में वायरल फीवर होने का कारण है की बच्चो के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह से विकसित नहीं होने की वजह से बच्चो में वायरल बुखार होता है| बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) जैसे थकावट, संक्रामक जुकाम, खांसी,  उल्टी और दस्त इत्यादि लक्षण दिखाई देते है|

  • बिना किसी कारण के थकान होना
  • पूरे शरीर में दर्द की समस्या होना|
  • वायरल फीवर का लक्षण (viral fever symptoms in hindi) शरीर का तापमान बढ़ना भी होता है|
  • खाँसी भी वायरल फीवर के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) में शामिल है|
  • जोड़ो में दर्द की परेशानी हड्डियां कमजोर होने पर होती है, लेकिन वायरल फीवर में भी जोड़ो में दर्द की समस्या देखी जाती है इसीलिए जोड़ो के दर्द को वायरल फीवर के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) में शामिल किया गया है|
  • वायरल बुखार के लक्षण में शामिल है त्वचा के ऊपर रैशेज की समस्या होना|
  • बुखार के साथ सर्दी लगना भी वायरल बुखार का लक्षण (viral fever symptoms in hindi) है|
  • गले में दर्द की परेशानी होना|
  • सिर दर्द की समस्या होना भी वायरल फीवर के लक्षण (viral fever ke lakshan) में शामिल है|
  • आँखों में जलन और आँख लाल होना भी वायरल फीवर सिम्पटम्स होते है।
  • वायरल फीवर सिम्पटम्स उल्टी और दस्त का आना भी होता है।

बच्चो में वायरल इंफेक्शन होने के कारण -Reasons for viral infection in children.

यह तो हम सभी जानते है की वायरल बुखार की समस्या बच्चो में ज्यादा देखने को मिलती है, बहुत से लोगो के मन में यह सवा होता है की वायरल इंफेक्शन की समस्या बच्चो में ज्यादा क्यों होती है? या वायरल इंफेक्शन बच्चो में क्यों होता है? दरसल बच्चो में वायरल फीवर होने का प्रमुख कारण बच्चो का खान पान होता है| आजकल के बच्चे जंक फ़ूड, चिप्स और बाहर के खाने को ज्यादा पसंद करते है, जिससे उनके शरीर की इम्यूनिटी पावर कम हो जाती हैं, इम्युनिटी कम होने की वजह से संक्रमण उन्हें बहुत जल्दी घेर लेता है, इसके अलावा भी वायरल बुखार होने के कारण कई सारे होते है, चलिए अब हम आपको बच्चो में वायरल फीवर होने के कारण के बारे में बताते है

  • बच्चो में वायरल फीवर होने का कारण दूषित पानी और असंतुलित भोजन भी होता है|
  • वायरल फीवर एक संक्रामक रोग है, स्कूल या खेलते समय बच्चा किसी फीवर से पीड़ित बच्चे के समपर्क में आने से भी वायरल फीवर हो सकता है|
  • बच्चो में वायरल फीवर होने का प्रमुख कारण मौसम में बदलाव भी होता है।
  • बरसात के मौसम में बच्चो को वायरल फीवर की परेशानी ज्यादा होती है|
  • बच्चो की इम्युनिटी पावर कमजोर होती है, जिसकी वजह से भी वायरल बुखार हो सकता है|
  • बच्चा अगर ज्यादा कमजोर है तो उसे संक्रमण जल्दी घेरता है, इसीलिए बच्चो में वायरल फीवर होने का कारण अत्यधिक कमजोरी भी होती है।
  • जंक फ़ूड या बाहर का खाना खाने की वजह से भी वायरल बुखार होने की प्रबल सम्भावना होती है|

बच्चों में वायरल बुखार क्यों होता है – Way do children get viral fever.

बड़ो के मुकाबले बच्चे ज्यादा बीमार होते है, बच्चों की शरीर में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उन्हें बीमारियां ज्यादा होती है| बच्चो में बीमारी ज्यादा होने का कारण यह भी है की वो साफ़ सफाई का ज्यादा ख्याल नहीं रखते है| धूल मिटटी में खेलते रहते है या जमीन पर पड़ी चीजों को मुंह में डाल लेना इत्यादि कारणों से बच्चे बीमार पढ़ जाते है या संक्रमित हो जाते है| ऐसे में बच्चो का खास ख्याल रखना जरुरी है हमे बच्चो को जमीन पर पड़ी किसी भी चीज को मुंह में डालने से रोकना चाहिए और साफ़ सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए|

बच्चों में वायरल बुखार होने पर तापमान या तेज बुखार को कम कैसे करें

जब किसी भी बच्चे को बुखार आ जाता है तो माँ बाप बहुत ज्यादा चिंतित हो जाते है| कई बार जॉब बच्चो में बुखार बाद जाता है तो इंसान बच्चो के शरीर का तापमान कम करने का उपाय ढूंढ़ता है| बच्चो में बुखार को कम करने के लिए आप घरेलू उपाय भी अपनाकर तापमान कम कर सकते है, बच्चे के माथे पपर गिल्ली पट्टी रखने से भी तापमान कम हो जाता है| ज्यादा तेज बुखार में दवा जल्दी से नाही दी जाती है लेकिन हम आपको सख्त हिदायत देंगे की बच्चे में बुखार होने पर कभी भी मर्जी से कोई दवा या इलाज ना करें तुरंत बच्चो के डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए|

बच्चों में वायरल बुखार के लक्षण -Symptoms of viral fever in children.

वायरल फीवर के लक्षण बच्चो और बड़ो में लगभग एक सामान ही होते है अगर हम कुछ लक्षणों को छोड़ दें तो बच्चो और बड़ो में वायरल फेवर के लक्षण बिलकुल सेम होते है| हालाँकि छोटे बच्चे अपनी परेशानी बता नहीं पाते है इसीलिए बच्चो के माँ बाप को उनकी गतिविधि पर नजर रखने की जरुरत होती है| चलिए अब हम बच्चो में वायरल फीवर के लक्षण के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

  • बच्चो में वायरल फीवर के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) में शामिल है शरीर में अत्यधिक दर्द होना, बच्चे शरीर में दर्द होने पर रोने लगते है|
  • अगर बच्चे को उल्टी आ रही है तो आपको बच्चे का खास ख्याल रखना चाहिए|
  • नाक से लगातार पानी आना भी वायरल फीवर का लक्षण (viral fever symptoms in hindi) है|
  • बच्चे की त्वचा पर त्वचा पर लाल धब्बे होना ।
  • अगर बच्चा कम खाना खाएं या उसे भूख नहीं लग रही तो इसका कारण वायरल फीवर भी हो सकता है|
  • वायरल फीवर में बच्चों को ज्यादा ठंड लगती है।
  • बच्चो में वायरल बुखार के लक्षण (viral fever symptoms in hindi) में शामिल है ज्यादा दस्त होना।
  • बच्चे के शरीर का तापमान 100 से 103 डिग्री तक हो जाता है।
  • बच्चे के हाथ और पैर में सूजन आ सकती है।
  • बच्चे को लगातार छींके आना भी वायरल फीवर का लक्षण (viral fever symptoms in hindi) है।
  • वायरल फीवर से पीड़ित बच्चे को सर्दी जुखाम की परेशानी हो जाती है|

वायरल फीवर कितने दिन रहता है (Duration of Viral Fever in hindi)

अक्सर जब कोई भी इंसान वाइरल फीवर से पीड़ित होता है तो उसके मन में यह सवाल जरूर रहता है की वाइरल फीवर कितने दिन में ठीक होता है या वाइरल फीवर कितने दिन तक रहता है| आमतौर पर वाइरल फीवर तीन से चार दिनों तक रहता है लेकिन अगर इलाज में लापरवाही की जाएं या कुछ मामलो में वायरल बुखार (viral fever kitne din rehta hai) 12 से 14 दिन तक भी रह सकता है| वायरल फीवर के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इलाज करना चाहिए|

Home remedies for Viral fever

वायरल फीवर का रामबाण इलाज | वायरल बुखार के घरेलू नुस्ख़े (Home remedies for Viral fever in hindi)

आमतौर पर वायरल फीवर होने पर आप वायरल फीवर के घरेलू नुस्खे अपनाकर आप बुखार से छुटकारा पा सकते है| घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल की जाने वाली चीजे आपको आसानी से घर पर ही मिल जाती है और इनके दुष्प्रभाव भी कम देखने को मिलते है| चलिए अब हम आपको वायरल फीवर के रामबाण घरेलू उपाय के बारे में जानकारी दे रहे है

वायरल फीवर में होने वाले दर्द का घरेलू उपाय है अदरक (Ginger : Home remedies for Viral fever in hindi)

अदरक में मौजूद औषधीय और दर्द निवारक गुण वायरल फीवर में होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाने में सहायक होते है, सबसे पहले थोड़ा सा अदरक लेकर उसे छल कर महीन पीस लें, फिर इस पीसे हुए पेस्ट में थोड़ा सा शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें, फिर इस मिश्रण में से थोड़ा थोड़ा मिश्रण का सेवन थोड़ी थोड़ी देर में करने से जल्द दर्द से आराम मिलता है।

वायरल फीवर का घरेलू इलाज है मेथी का पानी (Fenugreek Water : Home remedies for Viral fever in hindi)

मेथी में मौजूद औषधीय और एंटी-बायोटिक गुण बुखार को खत्म करने में लाभकारी होते है, अगर आप वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर के घरेलू उपचार ढूंढ रहे है तो मेथी दाना आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है| एक गिलास पानी लेकर उसमे लगभग आधा या एक चम्मच मेथी के दानों को पानी में डालकर रात भर के लिए भीगा रहने दें| फिर अगली सुबह इस मिश्रण को किसी साफ कपड़ें की मदद से छान लें, छने हुए पानी में से थोड़ा थोड़ा पानी हर दो घंटे में पीने से जल्द आराम मिलता है|

वायरल फीवर कर घरेलू उपचार है दालचीनी (Cinnamon : Home remedies for Viral fever in hindi)

वायरल फीवर में पीड़ित के शरीर में दर्द की परेशानी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में फीवर और दर्द को कम करने के लिए दालचीनी का उपयोग किया जा सकता है| दालचीनी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में काम करती  है, एक कप पानी लेकर उसे गर्म होने के लिए रख दें, फिर इस पानी में एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर और दो इलायची डाल कर पानी को लगभग तीन से चार मिनट तक उबाल लें। फिर गैस को बंद कर दें मिश्रण हल्का गुनगुना होने पर छान कर पीने से जल्द आराम मिलता है|

वायरल फीवर की घरेलू दवा है धनिया (Coriander Seed : Home remedies for Viral fever in hindi)

धनिए का सेवन लगभग सभी घरो में किया जाता है, धनिए के पत्ते और धनिए के बीज दोनों का इस्तेमाल सब्जी बनाने में किया जाता है| धनिए के बीजो में मौजूद औषधीय गुण वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए हमारे शरीर की इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में मददगार साबित होते है| धनिए के बीज को आप वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वैराला फीवर का घरेलू उपचार के रूप में भी जाना जाता है, वायरल फीवर को खत्म करने के लिए धनिए की चाय काफी लाभकारी मानी जाती है| धनिए की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास पानी लेकर गर्म होने के लिए रख दें, फिर इस पानी में एक बड़ा चम्मच धनिया, थोड़ा सा दूध और स्वादनुसार चीनी डाल दें, जब पानी अच्छी तरह से उबल जाएं तो गैस को बंद करके छान लें| धनिए की चाय बनकर तैयार है पीड़ित को दिन में दो बार इस चाय को पिलाने से जल्द आराम मिलता है|

वायरल फीवर का देसी इलाज है किशमिश (Raisin : Home Remedies for Viral fever treatment in Hindi)

यह तो हम सभी जानते है की किशमिश हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होती है, एक  कप पानी लेकर उसमे दो छोटी चम्मच किशकिश डालकर चार से पांच घंटे के लिए छोड़ दें| जब कसीहमीश अच्छी तरह से फूल जाएं तो पानी और किशमिश को एक साथ पीस कर मिश्रण को छान लें, छने हुए मिश्रण में लगभग आधे नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिलाकर पीने से जल्द आराम मिलता है| कुछ लोग किशमिश को वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर का घरेलू उपचार भी कहते है|

वायरल फीवर की रामबाण दवा है तुलसी (Tulsi : Home remedies for Viral fever in hindi)

तुलसी में मौजूद औषधीय और एंटी-बायोटिक गुण वायरल फीवर के वायरस को खत्म करने में मददगार होते है| वायरल फीवर की दवा बनाने के लिए सबसे पहले एक लीटर पानी लेकर गर्म होने के लिए रख दें, फिर इस पानी में 10 से 15 तुलसी के पत्ते और लगभग एक चम्मच लौंग का चूर्ण डालकर उबलने दें| जब पानी उबल कर आधा रह जाएं तो गैस को बंद कर दें, बस तुलसी का कड़ा बनकर तैयार हो चुका है, मिश्रण को ठंडा होने पर छान लें| वायरल फीवर से पीड़ित इंसान को हर एक घंटे बाद थोड़ा थोड़ा तुलसी का काढ़ा पिलाने से जल्द बुखार में आराम मिलता है| तुलसी को आप वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर का घरेलू उपचार भी कह सकते है|

वायरल बुखार का रामबाण इलाज है गिलोय (Giloy : Home Remedies for Viral Fever in Hindi)

किसी भी प्रकार के बुखार की परेशानी को दूर करने में गिलोय किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है, प्राचीन समय से गिलोय को वायरल बुखार की रामबाण दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है| गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले आधा लीटर पानी लेकर उसे गर्म होने के लिए रख दें, फिर लगभग एक अंगुल लम्बी तीन से चार गिलोय की डंडी लेकर उन्हें अच्छी तरह से कूट कर पानी में डाल दें, पानी को तब तक उबालने जब तक पानी चौथाई ना रह जाएं|

उसके बाद गैस को बंद कर दें फिर इस पानी को छान कर पीने से जल्द आराम मिलता है, गिलोय वायरल फीवर का इलाज करने के साथ साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और बार बार होने वाली सर्दी-जुकाम या बुखार (giloy for viral fever) की समस्या को दूर करने में सहायक होता है| काफी सारे इंसान गिलोय को वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर का घरेलू उपचार भी कहते है|

वायरल बुखार की देसी दवा है काली मिर्च (Black pepper : Home remedies for Viral fever in hindi)

काली मिर्च का इस्तेमाल तो सभी घरो में मसाले के रूप में किया जाता है लेकिन कया आप जानते है की काली मिर्च को वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर का घरेलू उपचार भी कहा जाता है| काली मिर्च में मौजूद औषधीय गुण वायरल फीवर के संक्रमण को समाप्त करने में सहायक होते है, सबसे पहले एक कप पानी लेकर उसे गर्म होने के लिए रख दें, फिर पानी में एक चम्मच काली मिर्च पॉउडर, एक छोटी चम्मच हल्दी पॉउडर और एक चम्मच सौंठ पाउडर और थोड़ी सी चीनी डालकर उबालें, जब पानी आधा रह जाएं तब गैस को बंद कर दें मिश्रण को हल्का गर्म रहने पर छान कर पीने से जल्द आराम मिलता है|

वायरल बुखार का देसी इलाज है लौंग (Clove powder : Home remedies for Viral fever in hindi)

लौंग में मौजूद औषधीय गुण वायरल बुखार का इलाज करने में सहायक होते है, सबसे पहले दो या चार लौंग लेकर उन्हें महीन पीस कर चूर्ण बना लें फिर एक चम्मच शहद और लौंग पॉउडर को आपस में अच्छी तरह से मिलाकर दिन में तीन बार लेने से जल्द बुखार में आराम मिलता है|

वायरल फीवर का घरेलू उपचार है हल्दी और सोंठ पाउडर (Turmeric and Dry Ginger Mixture : Home remedies for Viral fever in hindi)

हल्दी और सोंठ में मौजूद औषधीय और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण वायरल फीवर के लक्षणों को कम करने में मददगार साबित होते है| हल्दी और सोंठ का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास पानी को गर्म होने के लिए रख दें, फिर इसमें एक चम्मच सोंठ पाउडर, एक चम्मच हल्दी पॉउडर और थोड़ा सा काली मिर्च चूर्ण डालकर उबलने दें| जब पानी अच्छी तरह से उबल जाएं तब गैस बंद करके ठंडा होने दें, ठंडा होने पर मिश्रण को छान कर थोड़ी चीनी मिलाकर पीने से जल्द आराम मिलता है| हल्दी और सोंठ के काढ़े को वायरल फीवर का रामबाण इलाज या वायरल फीवर का घरेलू उपचार भी कहा जा सकता है|

वायरल फीवर का आयुर्वेद इलाज है नींबू और शहद (Benefits of Lemon and Honey in Viral Fever Treatment in Hindi)

वायरल फीवर से पीड़ित इंसान के शरीर की इम्युनिटी पावर कमजोर हो जाती है, ऐसे में नींबू और शहद लाभकारी हो सकते है| सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी लेकर उसमे आधे नींबू का रस और शहद डालकर अच्छी तरह से मिलकर पीने से जल्द आराम मिलता है|

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निष्कर्ष – हम आशा करते है की आपको हमारे लेख वायरल फीवर का घरेलू उपचार (Home remedies for Viral fever in hindi) या वायरल फीवर का रामबाण इलाज में दी गई जानकारी पसंद आई होगी| लेकिन हम आपको सलाह देंगे की वायरल फीवर होने पर किसी डॉक्टर या वेध के परामर्श से घरेलू नुस्खे अपनाने से आपको जल्द और पूर्ण लाभ प्राप्त होता है| वायरल फीवर के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप गूगल या बिंग पर वायरल फीवर के घरेलू उपचार ( Home remedies for Viral fever in hindi) लिखकर सर्च कर सकते है|

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