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Sun. Sep 25th, 2022
home remedies for testicular pain in hindi

home remedies for testicular pain in hindi –  पुरुषो को काफी ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है लेकिन पुरुषो के शरीर में कुछ अंग बहुत ज्यादा नाजुक होते है जैसे आँख और नाक, इन नाजुक अंगो पर हल्की सी चोट से इंसान विचलित हो जाता है| पुरुष के शरीर में ऐसा ही एक बेहद नाजुक अंग है अंडकोष, जिन पर हल्की सी चोट लगने पर इंसान दर्द से विचलित या चिल्लाने लगता है| अंडकोष में दर्द की परेशानी ऐसी समस्या है की जिसके बारे में इंसान किसी से भी बताते हुए झिझकता है, हालाँकि इंसान को अपनी परेशानी के बारे में बोलने में शर्म नहीं आनी चाहिए|

ऐसे में इंसान इंटरनेट का सहारा लेता है पीड़ित इंसान इंटरनेट पर अंडकोष में दर्द होने के कारण, अंडकोष में दर्द होने का कारण कया है? अंडकोष में दर्द होने के कारण कौन कौन से है? अंडकोष में दर्द के कारण बताओ, अंडकोष में दर्द का घरेलू इलाज, अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार, अंडकोष में दर्द की दवा, अंडकोष में दर्द की घरेलू दवा, अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार, अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार कया है? अंडकोष में दर्द का घरेलू इलाज कई है? अंडकोष में दर्द का रामबाण इलाज, अंडकोष में दर्द से तुरंत आराम पाने का उपाय, अंडकोष में दर्द की रामबाण दवा, testicular pain in hindi, home remedies for testicular pain in hindi, what is home remedies for testicular pain in hindi, treatment of testicular pain in hindi इत्यादि लिखकर सर्च करता है| चलिए अब हम आपको अंडकोष से सम्बंधित जानकारी उपलब्ध करा रहे है-

Table of Contents

अंडकोष कया होता है ? (what is testicular pain in hindi)

हालाँकि यह तो हम सभी जानते है अंडकोष पुरुष के जनानांग के नीचे लटके हुए होते है| दरसल पुरुष के जनानांग के नीचे त्वचा से बनी हुई एक थैली थकी हुई होती है, इस थैली के अंदर दो वृषण होते है अंडे के आकारनुमा होते है| अंडकोष की थैली में लोब्यूल्स नमक एक ऊतक होता है यह ऊतक ही वृषण को अंडे के आकारनुमा बनाता है, थैली में मौजूद वृषण को ही अंडकोष कहा जाता है| थैली में मौजूद वृषण या अंडकोष को x और y के नाम से भी जाना जाता है अर्थात x अंडकोष से x क्रोमोसोम और y अंडकोष से y क्रोमोसोम निकलते है|

अंडकोष की थैली त्वचा से बनी होती है, इसीलिए गर्मियों के मौसम में अंडकोष की त्वचा फ़ैल कर लटक जाती है और सर्दियों के मौसम अंडकोष की थैली की त्वचा सिकुड़ जाती है| थैली में मौजूद अंडकोष एक नली के माध्यम से मूत्रमार्ग तक जुड़े हुए होते है, इस नली के माध्यम से ही शुक्राणु वृषण से मूत्रमार्ग तक पहुँचते है, वृषण को मूत्रमार्ग से जोड़ने वाली नली को शुक्रवाहिका  (vas deferens in hindi ) के नाम से जाना जाता है| इसके अलावा वृषण कई अन्य ग्रंथियों से भी जुड़े हुए होते है, अक्सर कुछ लोगो के मन में यह सवाल आता है की वृषण या अंडकोष का साइज़ कितना होना चाहिए, चलिए अब हम आपको वृषण के साइज़ के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है-

अंडकोष का साइज कितना होना चाहिए? अंडकोष का नार्मल साइज कितना होता है ?

काफी सारे इंसानो के मन में यह सवाल भी होता है की वृषण या अंडकोष का साइज कितना होना चाहिए या अंडकोष का नार्मल साइज कितना होता है? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो हम आपके इस सवाल का संधान करते है| दरसल पुरुष के अंडकोश की लंबाई 5 सेंटीमीटर और अंडकोष की चौड़ाई 2.5 सेंटीमीटर होती है अगर किसी भी पुरुष के अंडकोष की लम्बाई या चौड़ाई इससे ज्यादा होती है तो ऐसे इंसान को बड़े हुए अंडकोष की समस्या से पीड़ित माना जाता है| अंडकोष या वृषण में ब्लड सर्कुलेशन बहुत ज्यादा होता है और अंडकोष जनानांग या शरीर से लगभग दो सेंटीमीटर नीचे लटके हुए होते है| लटके होने की वजह से इनका तापमान और शरीर का तापमान अलग अलग होता है, अंडकोष की थैली का तापमान शरीर के तापमान से लगभग दो डिग्री सेंटीग्रेड कम होता है|

अंडकोष के मुख्य कार्य

ऊपर आपने पढ़ा की अंडकोष कया होते है अब हम आपको अंडकोष के कार्यो के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है| कुछ लोगो का मानना है की वृषण का मुख्य काम केवल शुक्राणुओं का निर्माण करना होता है, हालाँकि यह सच है की अंडकोष शुक्राणुओं का निर्माण करते है लेकिन शुक्राणुओं का निर्माण करने के साथ साथ शुक्राणुओं संभाल कर स्टोरेज करना और ऐसे हार्मोन्स का निर्माण करना जिससे पुरुषत्व के लक्षण दिखाई दें| चलिए अब हम आपको अंडकोष के मुख्य कार्य  के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

  • अंडकोष का काम एंड्रोजन नामक हार्मोन्स का निर्माण करना होता है यह हार्मोन्स प्रजनन प्रणाली की देखभाल और नियंत्रित करने का काम करता है और यह हार्मोन्स पुरुषत्व के लक्षण जैसे दादी आना, मूँछ आना और आवाज में भारीपन आना जैसे लक्षणों का विकास करने में अहम् रोल निभाता है|
  • अंडकोष का प्रमुख कार्य शुक्राणुओं का निर्माण करना होता है, अंडकोष में शुक्राणुओं का निर्माण  नालियो में होता है, इन नालियो को अंडकोष की वीर्योत्पादक नली के नाम से जाना जाता है, ऐसा बताया जाता है की अंडकोष में 700 से भी ज्यादा वीर्योत्पादक नलियाँ मौजूद होती है जिनसे शुक्राणुओं का निर्माण होता है| हालाँकि अंडकोष से सिर्फ वो शुक्राणु ही बाहर निकलते है जो परिपक्व हो जाते है परपकव होने के लिए शुक्राणुओं को अधिवृषण से गुजरना पड़ता है| जब पुरुष सम्बन्ध बनता है तो परिपक्व शुक्राणु शुक्रवाहिका नली से होते हुए बाहर निकल जाते है जिसे हम वीर्य भी कहते है|
  • आम भाषा की बात करें तो अंडकोष की थैली में दो वृषण होते है जिन्हे x और y के नाम से जाना जाता है, x अंडकोष से x शुक्राणु का निर्माण करता है और y अंडकोष से y शुक्राणु का निर्माण करता है| जब इंसान सम्बन्ध बनाता है तो दोनों अंडकोषों से दोनों तरह से शुक्राणु शरीर से बाहर निकल जाते है, x और y शुक्राणु से ही लड़के या लड़की का जन्म होता है|
  • अंडकोष ही टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन्स का निर्माण करते है, हालाँकि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स पुरुष और महिला दोनों में होता है, महिलाओ में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा काफी कम होती है| यह हार्मोन्स पुरुष के जनानांगों का विकास करने के साथ साथ शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाने में मदद करता है| किसी भी स्वस्थ पुरुष के शरीर में मौजूद अंडकोष रोजाना लगभग पांच मिलीग्राम तक टेस्टोस्टेरोन का निर्माण करते है|

अंडकोष में दर्द क्या होता है (What is Testicular Pain)

ऊपर आपने पढ़ा की अंडकोष कया होता है और अंडकोष के कया काम होते है, चलिए अब हम आपको अंडकोष या टेस्टिकुलर दर्द के बारे जानते है| यह तो हम सभी जानते है की अंडकोष की थैली में दो वृषण होते है थैली में मौजूद वृषणों में से किसी एक वृषण या दोनों वृषण में किसी भी वजह से दर्द उतपन्न होने की समस्या को अंडकोष में दर्द कहा जाता है| अंडकोषों में दर्द होने के कारण काफी सारे होते है जिनमे कुछ कारन बहुत आम होते है जैसे ऑफिस में कुर्सी पर बैठे समय अंडकोष पर अधिक दबाव पड़ने की वजह से भी अंडकोष में दर्द हो सकता है या अगर किसी भी इंसान के अंडकोष की थैली में किसी प्रकार की परेशानी होने पर या पेट में कोई तकलीफ होने पर भी अंडकोष में दर्द की समस्या हो सकती है|

अंडकोष में दर्द की परेशानी होने के कारण कुछ बीमारियां भी होती है जिनके बारे में हम आपको आगे बताएंगे| लेकिन हम आपको सलाह देंगे की अगर किसी भी इंसान के अंडकोष में दर्द की समस्या हो रही है तो ऐसे इंसान को कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह और इलाज कराना चाहिए| अगर टेस्टिकल्स में दर्द या अंडकोष में दर्द का इलाज उचित समय पर ना किया जाएं तो अंडकोष ख़राब भी हो सकते है, अंडकोष में दर्द की परेशानी 18 से 40 वर्ष के पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है, चलिए अब हम आपको अंडकोष में दर्द होने के कारणों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

पुरुष अंडकोष में दर्द के कारण (Causes of Testicular Pain in hindi)

अंडकोष में दर्द होने कारण काफी सारे होते है, चलिए अब हम आपको अंडकोष में दर्द होने के कारण टेस्टिकल्स में दर्द होने के कारण के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है| अंडकोष में दर्द किसी बिमारी की वजह से भी हो सकता है सबसे पहले हम बीमारियो की वजह से अंडकोष में दर्द के बारे में बता रहे है

1 – अंडकोष में दर्द होने कारण है चोट

यह तो हम सभी जानते है की अंडकोष या अंडकोष की थैली बहुत ज्यादा नाजुक या संवेदनशील होती है| हल्का सा दबाव या छोटी सी चोट की वजह से अंडकोष में दर्द की परेशानी हो सकती है| अगर अंडकोष में दर्द सामान्य दबाव (उठते या बैठते समय दबाव पड़ना) की वजह से हो रहा है तो यह थोड़े समय में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन दर्द अगर किसी चोट की वजह से हो रहा है तो आपको लापरवाही नहीं करनी चाहिए तुरंत डॉक्टर से सलाह और इलाज कराना चाहिए|

2 – अंडकोष में दर्द का कारण है इंगुइनल हर्निया

आमतौर पर इंगुइनल हर्निया को ग्रोइन हर्निया के नाम से भी पुकारा जाता है, अगर कोई इंसान इंगुइनल हर्निया की परेशानी से ग्रसित होता है तो इंगुइनल हर्निया की परेशानी में छोटी आंत का कुछ हिस्सा अंडकोष में आकर दर्द और सूजन की परेशानी को उत्पन्न कर सकता है| कुछ लोगो का मानना है की हर्निया की परेशानी होने का प्रमुख कारण भारी सामान उठाना होता है|

3 – टेस्टिकल्स दर्द का कारण है वृषण मरोड़ या तोरसिओं (Testicular Torsion in hindi )

जब कोई भी इंसान वृषण मरोड़ की परेशानी से ग्रसित होता है तो इस बीमारी में स्पेर्मटिक कॉर्ड (spermatic cord in hindi) मुड़ जाती है। स्पेर्मटिक कॉर्ड मुड़ने की वजह से ब्लड सर्कुलेशन और शुक्राणु परिवहन बाधित होने लगता है, जिसकी वजह से अंडकोष में बहुत तेज दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है| यह एक गंभीर स्थिति होती है इसका इलाज उचित समय पर करना बहुत जरुरी है अगर आप इलाज नहीं करवाते है या लापरवाही करते है तो अंडकोष हमेशा के लिए खराब भी हो सकते है।

4 – अंडकोष में दर्द होने का कारण है अधिवृषण यानी एपीडिड्यमिटिस

यह तो आप जानते ही है की वृषण से जुडी हुई बहुत सारी नली होती है, वृषण के पीछे की और अधिवृषण होता है जो दिखने में एक नली जैसा होता है| कई बार अधिवृषण में जलन और सूजन आने की समस्या हो जाती है जिसकी वजह से अंडकोष में दर्द की परेशानी हो जाती है| अधिवृषण में जलन होने के प्रमुख कारण चोट लगना, किसी प्रकार के बैक्टीरिया द्वारा संक्रमण होना या शारीरिक सम्बन्ध के द्वारा फैलने वाला संक्रमण ( इस संक्रमण को एस.टी.डी. कहा जाता है) होते है| एपीडिड्यमिटिस की परेशानी 18 से 40 वर्ष के पुरुषों में अधिकतर देखी जाती है, इस समस्या का इलाज कराना जरुरी है|

5 – अंडकोष में दर्द होने का कारण हो सकता है ओरचीटिस

अगर किसी भी इंसान को ओरचिटिस की परेशानी होती है तो पीड़ित इंसान को अंडकोष में दर्द या जलन की शिकायत हो सकती है| ओरचिटिस रोग होने का प्रमुख कारण बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण होता है, इस परेशानी से ग्रसित इंसान के एक अंडकोष या दोनों अंडकोष में जलन या दर्द की परेशानी के साथ साथ अंडकोष में सूजन की समस्या भी हो सकती है| हालाँकि यह परेशानी अधिकतर 45 वर्ष से ऊपर के पुरुषो में देखने को मिलती है|

6 – अंडकोष में दर्द होने की वजह है डायबिटिक नेफ्रोपैथी

डायबिटिक नेफ्रोपैथी से पीड़ित इंसान को भी अंडकोष में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है| इस बीमारी की वजह से अंडकोष की नसों को नुकसान पहुँचता है, नसों में नुक्सान या क्षतिग्रस्त होने की वजह से अंडकोष में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है|

7 – हाइड्रोसील की वजह से भी होता है अंडकोष में दर्द

जब किसी भी इंसान के अंडकोषों में पानी भर जाता है तो अंडकोषों में पानी भरने की समस्या को हाइड्रोसील कहा जाता है, अंडकोष में दर्द होने का कारण हाइड्रोसील भी होता है| शुरुआत में अंडकोष का आकर नार्मल रहता है लेकिन जैसे जैसे अंडकोष में पानी बड़ने लगता है वैसे वैसे अंडकोष का आकार भी बड़ने लगता है| हाइड्रोसील की परेशानी एक खतरनाक बीमारी होती है क्योंकि अगर सही समय पर इलाज ना किया जाएं तो अंडकोषों में पानी भरता चला जाता है और एक समय पानी इतना भर जाता है की अंडकोष फटने की दशा आ जाती है| अंडकोष फटने से इंसान की मृत्यु भी हो सकती है, इसीलिए हाइड्रोसील की परेशानी में कभी भी लारवाही नहीं करनी चाहिए, तुरंत डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए|

8 – अंडकोष में दर्द होने का कारण है वैरिकोसील

अगर आपके अंडकोषों में सूजन की समस्या आ जाती है तो अंडकोषों में सूजन की वजह से भी दर्द की परेशानी हो जाती है| अंडकोषों में सूजन आने का कारण वेरीकोसील की बिमारी भी होती है| जब इंसान के अंडकोषों के अंदर मौजूद नसे बड़ जाती है या उनका आकर बड़ जाता है तो इस स्थिति में अंडकोष भी बड़ा या अंडकोष में सुजान आ जाती है सूजन की स्थिति में दर्द भी होता है| ऐसी स्थिति से निजात पाने के लिए आप आपको चिकित्सक से सलाह और इलाज कराना चाहिए|

9 – अंडकोष में दर्द होने का कारण है टेस्टिकल कैंसर

कैंसर को एक जानलेवा बिमारी के रूप में जाना जाता है हालाँकि आज के समय में कैंसर का इलाज भी संभव है, कैंसर शरीर के अलग अलग भागो में हो सकता है जिन्हे अलग अलग कैंसर कहा जाता है| अगर अंडकोषों में कैंसर हो जाता है तो इस वजह से भी अंडकोष में दर्द हो सकता है, इस समस्या से बचने के लिए आपको खास ख्याल रखना जरुरी होता है| अगर आपके अंडकोषों में कही भी किसी भी प्रकार की गाँठ हो गई है और इसके साथ साथ अंडकोष में दर्द और सूजन की समस्या भी हो रही है तो इसे हल्के में ना लें तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और जाँच कराएं| आज के समय में टेस्टिकुलर कैंसर का इलाज हो जाता है बस इसका सही समय पर पता चलना जरुरी है|

10 – अंडकोष में दर्द का कारण है कोनायम

यह तो हम सभी जानते ही है की अंडकोष के अंदर बहुत सारी नलियां मौजूद होती है जिनमे से ब्लड सर्कुलेशन होता है| लेकिन अंडकोष में खून प्रवाहित करने वाली नलियो के अंदर खून जमा होने लगता है तो इस परेशानी को कोनायम कहा जाता है| कोनायम में इंसान की शारीरिक शक्ति कम होने लगती है और इस वजह से अंडकोष में सूजन की समस्या भी आ जाती है, कोणयाम के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्ष और इलाज कराना चाहिए|

11 – अंडकोष में दर्द होने कारण है किडनी में पथरी

पथरी की समस्या होना आम बात है, अगर किसी भी इंसान की किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है तो पथरी में संक्रमण या इन्फेक्शन होना आम बात है| किडनी में इन्फेक्शन की वजह से भी अंडकोष में दर्द की समस्या हो सकती है|

12 – मूत्र पथ संक्रमण की वजह से भी होता है अंडकोष में दर्द

मूत्र पथ संक्रमण या यूरिन इन्फेक्शन की वजह से भी अंडकोष में दर्द की समस्या हो सकती है, यूरिन इन्फेक्शन की समस्या होने पर इन्फेक्शन अंडकोष में भी होने की प्रबल सम्भावना होती है| जब इन्फेक्शन अंडकोष में पहुँच जाता है तो संक्रमण की वजह से अंडकोष में दर्द की परेशानी हो जाती है, हालाँकि यूरिन इन्फेक्शन की दवा सेवन करने से इन्फेक्शन समाप्त हो जाता है इन्फेक्शन समाप्त होने पर अंडकोष में दर्द से आराम मिलता है|

13 – अगर आप नसबंदी कराते है तो कुछ मामलो में अंडकोष में दर्द का कारण है पुरुष नसबंदी भी होता है|

14 – ऐसे इंसान जो एंटीबायोटिक्स और कीमोथेरेपी दवा का सेवन करते है तो कुछ मामलो में एंटीबायोटिक्स और कीमोथेरेपी दवा का सेवन करने से भी अंडकोष में दर्द की समस्या हो जाता है| अगर आप ऐसी किसी समस्या का सामना कर रहे है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और उन डावाओ का सेवन करना बंद कर दें या दवाओं को बदलवा लें|

 

पुरुष अंडकोष में दर्द के लक्षण (Symptoms of Testicular Pain)

ऊपर आपने अंडकोष के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ अंडकोष में दर्द होने के करने के बारे में जानकारी प्राप्त की, चलिए अब हम आपको अंडकोष में दर्द के लक्षणों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

  • अगर किसी भी पुरुष के अंडकोष या अंडकोष की थैली में सूजन या लालिमा की परेशानी हो रही है तो यह पुरुष अंडकोष में दर्द के लक्षण में शामिल होता है|
  • पुरुष अंडकोष में दर्द होने के लक्षण जी मिचलाना और उल्टी होना भी होता है|
  • बिना किसी कारण बुखार आना भी अंडकोष में दर्द का लक्षण हो सकता है हालाँकि बुखार आने की वजह अन्य भी हो सकती है इसीलिए बुखार होने पर जांच करवा लें|
  • शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय अगर दर्द महसूस होना भी अंडकोष में दर्द के लक्षण में शामिल है|
  • वीर्यपात के समय दर्द या वीर्य में ब्लड होना भी अंडकोष में दर्द के लक्षण में शामिल होता है|
  • अगर आपको मूत्र त्यागते समय दर्द की समस्या हो रही है तो इसका कारण अंडकोष में दर्द या अन्य समस्या भी हो सकती है|
  • किसी एक अंडकोष में गाँठ या सूजन की समस्या होना|
  • अगर किसी भी इंसान को पेट या कमर के नीचे के हिस्से में सामान्य या तेज दर्द की परेशानी होती है तो यह भी अंडकोष में दर्द के लक्षण में शामिल होता है|

home remedies for testicular pain in hindi

पुरुष अंडकोष में दर्द के घरेलू उपचार (Home Remedies for Testicular Pain in hindi)

अंडकोष में दर्द होने पर अधिकतर इंसान सबसे पहले घरेलू इलाज करना पसंद करता है, चलिए अब हम आपको अंडकोष में दर्द के लिए घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द का इलाज के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

पुरुष अंडकोष में दर्द का देसी इलाज है रेहान के बीज (Rehan Seed : home remedies for testicular pain in hindi)

रेहान के बीज आपको पंसारी की दूकान पर आसानी से मिल जाते है, रेहान के बीज में मौजूद औषधीय गुण अंडकोष में दर्द की समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित होते है| अंडकोष में दर्द की दवा बनाने के लिए सबसे पहले लगभग दस ग्राम रेहान के बीज लें, फिर इन बीजो को थोड़े से पानी के साथ महीन पीस कर लेप बना लें| लेप को हल्का सा गर्म करके अंडकोष पर अच्छी तरह से लगा लें, नियमित रूप से अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा को लगाने से कुछ दिनों में ही अंडकोष की सूजन कम हो जाती है|

अंडकोष में दर्द और बड़ने से रोकने में सहायक है जीरा और अजवाइन (Cumin and Coriander Mixture Beneficial in Testicular Pain in hindi)

जीरा और अजवायन का इस्तेमाल लगभग सभी घरो में किया जाता है और यह आपको आसानी से किसी भी परचून की दूकान पर मिल जाती है| 5 ग्राम जीरा और 5 ग्राम अजवायन लेकर दोनों को थोड़े से पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें, फिर इस पेस्ट को अंडकोष पर अच्छी तरह से लगाने से जल्द अण्डकोष का बढ़ना रुक जाता है और अंडकोष का दर्द भी समाप्त (home remedies for testicular pain in hindi) हो जाता है।

पुरुष अंडकोष में दर्द में फायदेमंद है रोगन कमीला (Rogan Kamila : home remedies for testicular pain in hindi)

प्राचीन समय में अंडकोष में दर्द या अंडकोष से सम्बंधित अन्य परेशानियो को दूर करने के लिए रोगन कमीला का इस्तेमाल किया जाता था| रोगन कमीला में मौजूद औषधीय गुण अंडकोष में दर्द की समस्या को समाप्त करने में मददगार साबित होते है, नियमित रूप से से रोगन कमीला से अण्डकोष पर हल्के हाथ से मालिश करने से अण्डकोष में दर्द की परेशानी जल्द समाप्त हो जाती है रोगन कमीला को अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा भी कहा जाता है|

पुरुष अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार है माजूफल (home remedies for testicular pain in hindi)

माजूफल काफी लाभकारी औषधि के रूप में जाना जाता है, माजूफल में मौजूद औषधीय गुण अंडकोष से सम्बंधित समस्याओ को दूर करने में लाभकारी होते है| अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा बनाने के के लिए सबसे पहले 12 ग्राम माजूफल और 6 ग्राम फिटकरी साथ में लेकर थोड़े से पानी के साथ पीस कर पेस्ट बना लें, बस अब अंडकोष में पानी सुखाने की दवा तैयार है माजूफल और फिटकरी के पेस्ट को अंडकोष पर अच्छी तरह से लगा लें, नियमित रूप से इस घरेलू नुस्खे को करने से जल्द अंडकोष में भरा पानी सूखने लगता है|

छोटी हरड़ से करें अंडकोष में दर्द को दूर (Harad : home remedies for testicular pain in hindi)

हरड़ के बारे में अधिकतर इंसान जानते ही है हरड़ औषधीय गुणों से भरपूर होती है और हरड़ काफी सारी परेशानियो को दूर करने में लाभकारी होती है| छोटी हरड़ और रसौत को बराबर मात्रा में लेकर महीन पीस लें, इस मिश्रण में थोड़ा सा सरसो का तेल डालकर पेस्ट बना लें फिर इस पेस्ट को अंडकोष पर अच्छी तरह से लगा लें| नियमित रूप से इस नुस्खे को करने जल्द अंडकोष में दर्द और अंडकोष में जख्म भरने में मदद मिलती है, इस नुस्खे को अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा भी कहा जा सकता है|

अंडकोष में दर्द में लाभकारी है दूध (Milk : home remedies for testicular pain in hindi)

दूध पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है अगर आप अंडकोष में दर्द की समस्या का सामना कर रहे है और आप अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा सर्च कर रहे है तो दूध आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है| 1 गिलास गुनगुना मीठा दूध लेकर उसमे लगभग 25 मिलीलीटर अरंडी का तेल डालकर अच्छी तरह से मिलकर पीने से जल्द अंडकोष में दर्द से छुटकारा (home remedies for testicular pain in hindi) मिल जाता है|

अंडकोष में दर्द और सूजन को दूर करने में फायदेमंद है बकायन के पत्ते (Bakayan : home remedies for testicular pain in hindi)

बकायन के पत्ते लेकर उन्हें थोड़े से पानी में अच्छी तरह से उबाल लें, उबले हुए पानी में एक कपडा भिगोकर निचोड़ कर अंडकोष की सिकाई करें, बकायन के पत्ते जब हल्के गर्म रह जाएं तो कपडे से सिकाई बंद कर दें और बकायन के पत्तो को अंडकोष पर बांध लें| नियमित रूप से अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा का इस्तेमाल करने से जल्द अंडकोष में दर्द और सूजन से राहत (home remedies for testicular pain in hindi) प्राप्त होती है|

पुरुष अंडकोष में दर्द का देसी इलाज है दालचीनी (Cinnamon : home remedies for testicular pain in hindi)

दालचीनी आपको आसानी से लगभग सभी घरो में मिल जाती है दालचीनी में मौजूद औषधीय गुण अंडकोष में दर्द और अन्य समस्याओ को दूर करने में सहायक होती है| अगर आप अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में पानी सुखाने का इलाज सर्च कर रहे है तो दालचीनी आपके लिए लाभदायक होती है| नियमित रूप से सुबह और शाम आधा चम्मच दालचीनी पाउडर का सेवन करने से जल्द अंडकोष में पानी सूखने और दर्द से आराम मिलता है|

अंडकोष में दर्द का घरेलू उपाय है मूली के बीज (Mooli : home remedies for testicular pain in hindi)

यह तो हम सभी जानते है की मूली पेट के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होती है, लेकिन कया आप जानते है की मूली के बीज अंडकोष में दर्द का इलाज करने में मददगार साबित होते है| मूली के बीजो में मौजूद औषधीय गुण अंडकोष की समस्याओ को दूर करने में सहायक होते है, नियमित रूप से सुबह के समय लगभग 5 ग्राम मूली के बीज का सेवन मक्खन के साथ करने से जल्द लाभ मिलता है, कुछ इंसान मूली के बीजो को  अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा भी कहते है|

अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार है अदरक (Ginger : home remedies for testicular pain in hindi)

अगर आपके अंडकोष में दर्द की समस्या अंडकोष बढ़ने की वजह से हो रही है तो अदरक का रस आपकी इस परेशानी को समाप्त करने में लाभदायक है| थोड़े से अदरक में रस में थोड़ा सा शहद अच्छी तरह से मिलकर सेवन करने से जल्द लाभ मिलता है, अदरक को अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार (home remedies for testicular pain in hindi) या अंडकोष में दर्द की दवा भी कहते है|

अंडकोष में दर्द की घरेलू दवा है फिटकरी (Alum : home remedies for testicular pain in hindi)

फिटकरी भी अंडकोष से सम्बंधित समस्याओ को दूर करने में सहायक होती है, थोड़ी सी  फिटकरी को थोड़े से पानी के साथ पीसकर गाढ़ा सा घोल बना लें फिर इसे अंडकोष पर अच्छी तरह से लगा लें| नियमित रूप से फिटकरी का लेप करने से जल्द दर्द से लाभ मिलता है| फिटकरी को कुछ इंसान अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार (home remedies for testicular pain in hindi) या अंडकोष में दर्द की दवा भी कहते है|

पुरुष अंडकोष में दर्द होने से बचने के उपाय (Prevention Tips from Testicular Pain)

अंडकोष में दर्द होने पर कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, दर्द होने पर अंडकोष में दर्द के लिए घरेलू उपचार या डॉक्टर से उचित दवा जरूर लें| लेकिन अगर हम अपने दैनिक जीवन में कुछ सावधानियाँ बरते तो अंडकोष में दर्द की समस्या से अपने आपके बचा सकते है, चलिए अब हम आपको अंडकोष में दर्द से बचने के टिप्स की जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

  • शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय इंसान अलग अलग पोजीशन को अपनाता है, पोजीशन बनाते समय अंडकोष का ख्याल रखें, कोई ऐसी पोजीशन ना बनाएं जिसमे अंडकोष को चोट लगने या दबाव पड़ने की सम्भावना होती है|
  • हस्तमैथुन नहीं करना चाहिए हस्तमैथुन से पुरुष के शरीर को नुक्सान पहुँचता है, लेकिन फिर भी अगर आप हस्तमैथुन करते है तो तेज गति से हस्तमैथुन बिलकुल नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसे में अंडकोष को चोट लगने की सम्भावना होती है|
  • कुछ इंसान हस्तमैथुन करते समय या सम्बन्ध बनाते समय वीर्य को निकलने से रोकने लगते है, जबकि ऐसा कभी नहीं करना चाहिए| अगर आप शुक्राणुओं को शरीर से बाहर निकलने से रोकते है तो यह अंदर ही मर जाते है और शुक्रवाहिनियों में गांठ का रूप ले लेते है| यही गाँठ आगे चल कर कैंसर बन सकती है|
  • खेल खेलना सभी को पसंद होता है लेकिन अगर आप क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती और फुटबाल इत्यादि खेल खेलते है तो खेलते समय अंडकोश का खास ध्यान रखना चाहिए| खेलते समय अंडकोष में चोट न लग जाए आप चाहे तो अंडकोष गार्ड लगाकर खेल सकते है और अगर खेलते समय अंडकोष में चोट लग गई है तो तुरंत डाक्टर से परामर्श और इलाज कराएं|
  • पुरुषो को टाइट अंडरवियर नहीं पहनना चाहिए क्योंकि टाइट अंडरवियर की वजह से अंडकोष पर दबाव पड़ता है, इसीलिए ऐसे अंडरवियर का इस्तेमाल करें जो आरामदायक हो और जिसे पहनने से अंडकोष पर दबाव ना पड़ें|
  • इंसान को सूती और हल्के रंग के अंडरवियर पहनने चाहिए, गहरे रंग के कपड़ो में गर्मी अधिक लगती है| हो सके तो नायलोन के अंडरवियर पहनने से बचना चाहिए क्योंकि नायलोन के कपड़ो में हवा पास नहीं हो पाती है| अगर मुमकिन हो तो रात के समय या कुछ समय बिना अंडरवियर के रहें इससे अंडकोष को हवा लगती है|
  • ऐसे इंसान जो अधिक गरम जगह जैसे भट्ठी के आगे खड़े होकर काम करना, कोयला इंजन के ड्राइवर इत्यादि काम करने वाले पुरुषो को अंडकोष को तेज गर्मी से बचाना चाहिए| आजकल बाजार में ऐसे इंसानो के लिए गार्ड आते है आप उनका इस्तेमाल भी कर सकते है|
  • अगर आप अंडकोष की किसी भी तेल से मालिश करते है तो हल्के हाथो से करें कभी भी तेजी या दबाव देकर मालिश नहीं करनी चाहिए|
  • शारीरिक सम्बन्ध  बनाते समय सुरक्षा खास ख्याल रखें अगर आप सुरक्षा का ख्याल नहीं रखते है तो आपको यौन संक्रमित रोग होने की प्रबल सम्भावना हो सकती है|
  • नियमित रूप से निश्चित समय अंतराल पर वृषण ट्यूमर (testicular tumors) की जॉंच जरूर करानी चाहिए, इसका सबसे बड़ा फायदा यह है की आपको ट्यूमर का पता शुरूआती दौर में ही चल जाता है जिसका इलाज आसानी से किया जा सकता है|
  • नियमित रूप से गर्म जल से स्नान करना लाभकारी होता है लेकिन तेज गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए|
  • बिलकुल फिटिंग या टाइट कपड़े पहनने से बचना चाहिए हमेशा ऐसे कपड़ें पहने जो थोड़े ढीले और आरामदायक हो।
  • अगर आप अंडकोष में दर्द की समस्या से पीड़ित है तो आपको अधिक से अधिक आराम करने की कोशिश करनी चाहिए।
  • प्रत्येक इंसान को प्रचुर मात्रा में पानी पीना चाहिए, शरीर में पानी की कमी से काफी सारी परेशानियां उत्पन्न हो जाती है|

निष्कर्ष – हम आशा करते है की आपको हमारे लेख अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा में दी गई जानकारी फायदेमंद लगी होगी लेकिन अगर किसी भी कारणवश आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद नहीं आई है तो आप गूगल या बिंग पर अंडकोष में दर्द का घरेलू उपचार या अंडकोष में दर्द की दवा लिखकर सर्च कर सकते है|

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