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Mon. Jan 30th, 2023
Home Remedies for Pneumonia in Hindi

न्यूमोनिया के लक्षण और घरेलू इलाज (Home Remedies for Pneumonia in Hindi) : शायद ही कोई इंसान हो जिसने निमोनिया का नाम ना सुना हो, अधिकतर इंसानो को यह लगता है की निमोनिया की परेशानी बच्चो में ही होती है हालाँकि यह सच नहीं है निमोनिया किसी भी उम्र के पुरुष और महिला को हो सकती है| बच्चो में निमोनिया की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि बच्चो का शरीर बड़ो के मुकाबले कमजोर होता है, दरसल निमोनिया होने का कारण वायरस या बैक्टीरिया या जीवाणु इत्यादि होते है| किसी भी बच्चे को निमोनिया हो जाएं और उसका सही समय पर इलाज ना किया जाएं तो निमोनिया की वजह से उस बच्चे की जान भी जा सकती है, निमोनिया एक गंभीर बिमारी है जिसकी वजह से हर साल दुनिया में हजारों बच्चों की मौत हो जाती है| हालाँकि निमोनिया का नाम तो सभी अच्छी तरह से जानते है लेकिन निमोनिया के बारे में जानकारी काफी कम इंसांनो को होती है|

अधिकतर इंसान बुखार आने को ही निमोनिया के लक्षण मानते है लेकिन बुखार के आलावा भी काफी सारे लक्षण ऐसे है जिनसे आप निमोनिया के बारे में पता कर सकते है| जिन इंसानो को निमोनिया के बारे में जानकारी नहीं होती है वो इंटरनेट पर निमोनिया कया है? निमोनिया के लक्षण कौन कौन से है? निमोनिया का घरेलू उपचार और निमोनिया में किन चीजों का परहेज करना चाहिए? इत्यादि लिखकर सर्च करते है| अगर आपको निमोनिया के बारे में जानकारी नहीं है तो हमारा यह पेज आपके लिए लाभकारी साबित होने वाला है क्योंकि आज हम आपको अपने इस पेज में निमोनिया के बारे में अहम् जानकारी उपलब्ध करा रहे है, सबसे हम आपको निमोनिया क्या है? के बारे में बताने जा रहे है

Table of Contents

निमोनिया क्या है? | निमोनिया क्यों होता है (What is Pneumonia in Hindi?)

यह तो आप समझ ही गए होंगे की निमोनिया एक जानलेवा बिमारी है, दरसल निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, निमोनिया होने का प्रमुख कारण विषाणु या जीवाणु के द्वारा होने वाला संक्रमण होता है, इसके अलावा निमोनिया होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और पेरासाइट्स भी होते है| निमोनिया की बिमारी में पीड़ित के शरीर में मौजूद फेफड़ों में सूजन की समस्या हो जाती है, फिर फेफड़ों में पानी भरने लगता है| सही समय पर निमोनिया की पहचान (nimoniya ke lakshan) करके इलाज ना कराया जाएं तो यह काफी घातक साबित होता है| जब किसी भी इंसान को निमोनिया हो जाता है तो मरीज के फेफड़ों के अंदर हवा आने जाने वाले स्थान पर धीरे-धीरे मवाद और अन्य तरल पदार्थ जमने शुरु हो जाते है, जिसकी वजह से ऑक्सीजन का मार्ग छोटा या कम होने लगता है जिसकी वजह से पीड़ित को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है| निमोनिया होने पर कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श और इलाज करना चाहिए, चलिए अब हम आपको निमोनिया के लक्षणों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है|

निमोनिया के लक्षण इन हिंदी (Symptoms of Pneumonia in hindi)

ऊपर आपने निमोनिया के बारे में पढ़ा अब हम आपको निमोनिया के लक्षणों (Symptoms of Pneumonia in hindi) के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है, हर एक इंसान को निमोनिया के लक्षण के बारे में जानकारी होनी चाहिए क्योंकि अगर आपको निमोनिया के लक्षण के बारे में जानकारी होती है तो आपको निमोनिया का पता शुरूआती दौर में ही चल जाता है, जिससे इलाज में आसानी हो जाती है, चलिए अब हम आपको निमोनिया होने के लक्षण (pneumonia ke lakshan) के बारे में जानकारी दे रहे है

  • निमोनिया होने पर पीड़ित में बुखार या फ्लू के लक्षण दिखाई देते है, फिर धीरे धीरे या फिर तेजी से बुखार निमोनिया का रूप ले लेता है इसीलिए फ्लू को निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) में शामिल किया गया है|
  • निमोनिया का मुख्य लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) खाँसी भी होती है, अगर खांसी जल्दी से सही नहीं हो रही है तो इसके पीछे की वजह निमोनिया भी हो सकती है।
  • अगर किसी इंसान को बिना किसी कारण के कमजोरी और थकावट महसूस हो रही है तो यह निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) हो सकते है|
  • निमोनिया के लक्षणों में शामिल है बलगम वाली खाँसी, अगर किसी को लगातार बलगम वाली खांसी की समस्या बनी हुई है तो यह निमोनिया के शुरूआती लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) हो सकते है|
  •  किसी भी इंसान को बुखार के साथ साथ पसीना और कंपकंपी की समस्या हो रही है तो यह निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) भी हो सकते है|
  •  अगर किसी भी इंसान को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो या इंसान तेजी से सांस ले रहा हो तो यह निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) हो सकते है, ऐसी स्थिति में बिलकुल भी लापरवाही ना करें तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें|
  •  सीने में दर्द भी निमोनिया के लक्षणों (Symptoms of Pneumonia in hindi) में शामिल होता है।
  •  निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) में शामिल है बेचैनी महसूस होना, हालाँकि बेचैनी होने के कई अन्य कारण भी हो सकते है|
  •  अगर आपको बिना किसी वजह के भूख कम लग रही है तो यह निमोनिया के शुरूआती लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) हो सकते है|

बच्चों में निमोनिया क्यों होता है? | छोटे बच्चों में निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in Children in hindi)

आमतौर पर निमोनिया की परेशानी छोटे बच्चो में ज्यादा देखने को मिलती है, काफी सारे इंसान इंटरनेट पर बच्चो में निमोनिया होने के लक्षण क्या है? या बच्चो में निमोनिया के लक्षण के बारे में बताओ इत्यादि लिखकर सर्च करते है| बच्चो में निमोनिया के लक्षण दिखाई देने पर कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, चलिए अब हम आपको छोटे बच्चों में निमोनिया के लक्षणों (निमोनिया के लक्षण इन हिंदी bacho me) के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

  • छोटे बच्चो में या शिशु में निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) में शामिल है बुखार के साथ पसीना या कंपकपी होना|
  • अगर बच्चे की सांसो में घरघराहट की आवाज आ रही है तो बच्चे को निमोनिया की परेशानी हो सकती है|
  • अगर बच्चे को लगातार खांसी की समस्या बनी हुई है तो यह निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi) में शामिल है|
  •  अगर बच्चा अस्वस्थ दिखाई दे रहा हो तो इसके पीछे की वजह निमोनिया भी हो सकती है|
  • निमोनिया से पीड़ित बच्चे को भूख कम लगती है इसीलिए अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लग रही तो इसे इग्नोर ना करें तुरंत चिकित्सक से परामर्श जरूर करें|

निमोनिया के प्रकार (Types of Pneumonia in Hindi)

ऊपर आपने निमोनिया के लक्षणों के बारे में जाना, अब हम आपको निमोनिया के प्रकारो के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है, आमतौर पर निमोनिया पाँच प्रकार के पाए जाते है, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे है

बैक्टीरियल निमोनिया (Bacterial Pneumonia in hindi)

बैक्टीरियल निमोनिया (Bacterial Pneumonia in hindi) के नाम से आपको अंदाजा लग रहा होगा की इस तरह निमोनिया बैक्टीरिया की वजह से होता है, आमतौर पर बैक्टीरिया इंसान के शरीर को तब प्रभावित करता है जब इंसान का शरीर कमजोर हो या शरीर की इम्युनिटी पावर कम हो| बैक्टीरियल निमोनिया आमतौर पर उन इंसानो में देखने को मिलती है जिनमे पोषण की कमी हो या किसी तरह की बीमारी से ग्रसित हो या बुढ़ापे में| बैक्टीरियल निमोनिया (Bacterial Pneumonia in hindi) की परेशानी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है|

वायरल निमोनिया (Viral Pneumonia in Hindi)

निमोनिया का यह प्रकार सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, वायरल निमोनिया (Viral Pneumonia in Hindi) इन्फ्लूएंजा या फ्लू इत्यादि की वजह से देखने को मिलता है| वायरल निमोनिया की परेशानी होने पर पीड़ित का खास ख्याल रखने की जरुरत होती है क्योंकि वायरल निमोनिया से पीड़ित इंसान को बैक्टीरियल निमोनिया होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। वायरल निमोनिया (Symptoms of Viral Pneumonia in Hindi) होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श और इलाज जरूर करवाएं|

माइकोप्लाज्मा निमोनिया (Mycoplasma Pneumonia in Hindi)

माइकोप्लाज्मा निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Mycoplasma Pneumonia in Hindi) निमोनिया से अलग होते है, इस तरह के निमोनिया होने का प्रमुख कारण जीवाणु होते है| माइकोप्लाज्मा निमोनिया मुख्य रूप से माइकोप्लासम निमोने नामक जीवाणु की वजह से होता है, इस तरह के निमोनिया के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए|

एस्पिरेशन निमोनिया (Aspiration Pneumonia in Hindi)

एस्पिरेशन निमोनिया (Aspiration Pneumonia in Hindi) से पीड़ित इंसान को कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, आमतौर पर एस्पिरेशन निमोनिया होने का प्रमुख कारण भोजन या तरल पदार्थ या धूल इत्यादि के संपर्क में आने से होता है, इस तरह के निमोनिया का असर काफी तेजी से देखने को मिलता है| इस तरह के निमोनिया का इलाज शुरूआती दौर में ही आसानी से किया जा सकता है लेकिन अगर इलाज में लापरवाही की जाएं तो इंसान को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है|

फंगल निमोनिया (Fungal Pneumonia in Hindi)

फंगल निमोनिया (Fungal Pneumonia in Hindi) होने के कारण कई  सारे होते है, अलग अलग स्थानों पर अलग वातावरण या फंगस या कई सारे अन्य कारण भी होते है| इस तरह के फंगल निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Fungal Pneumonia in Hindi) दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श और इलाज करना चाहिए|

निमोनिया के कारण (Causes of Pneumonia in hindi)

ऊपर आपने निमोनिया के लक्षण के बारे में पढ़ा, अब हम आपको निमोनिया होने के कारणों (Causes of Pneumonia in hindi) के बारे में जानकारी दे रहे है, निमोनिया होने के कारण काफी सारे होते है| चलिए अब हम आपको निमोनिया होने के कारणों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

  • निमोनिया होने का कारण (Causes of Pneumonia in hindi) मुख्य रूप से वायरस या बैक्टीरिया या फंगस इत्यादि होते है|
  • निमोनिया होने के कारण (Causes of Pneumonia in hindi) कई प्रकार के जीवाणु भी होते है|
  •  निमोनिया होने के सही कारणों (Causes of Pneumonia in hindi) की पहचान करना काफी मुश्किल है, अधिकतर मामलो में निमोनिया करने वाले बैक्टीरिया या वायरस का जांच से भी पता नहीं चलता है|

न्यूमोनिया के घरेलू इलाज और नुस्खे (Home Remedies for Pneumonia in Hindi)

निमोनिया की परेशानी होने पर अधिकतर इंसान घरेलू इलाज या घरेलू नुस्खों को अपनाना पसंद करते है| अगर आप भी निमोनिया की परेशानी से पीड़ित है तो अब हम आपको निमोनिया को दूर करने के कुछ घरेलू उपाय (Home Remedies for Pneumonia in Hindi) बताने जा रहे है,नीचे बताए जा रहे घरेलू नुस्खों को बच्चो में निमोनिया का घरेलू इलाज करने में कारगार साबित होते है लेकिन फिर भी हम सलाह देंगे की बच्चो में निमोनिया होने पर डॉक्टर से परामर्श और इलाज कराएं-

निमोनिया का घरेलू उपचार है लहसुन (Home Remedies to Pneumonia in Hindi)

लहसुन का इस्तेमाल सभी घरो में सब्जी बनाने या चटनी बनाने में किया जाता है, लहसुन खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ हमारे शरीर के लिए भी बहुत ज्यादा लाभकारी होता है| लहसुन में मौजूद औषधीय गुण और जरुरी पोषक तत्व निमोनिया का इलाज करने या निमोनिया के लक्षणों को कम करने में मददगार साबित होता है| निमोनिया की घरेलू दवा बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास दूध लेकर गर्म होने के लिए रख दें, फिर इसमें दो लहसुन की काली को अच्छी तरह से कूट कर दाल दें और दूध को उबलने दें जब दूध उबलकर लगभग चौथाई गिलास रह जाएं तो गैस बंध कर दें| उसके बाद इस दूध को छान लें और हल्का गुनगुना पी लें, नियमित रूप से दिन में दो बार इस उपाए को करने से जल्द आराम मिलता है|

निमोनिया का रामबाण इलाज है भाप (Home Remedy for Pneumonia in Hindi)

भाप लेने के फायदे के बारे में आप सभी अच्छी तरह से जानते ही होंगे, लेकिन कुछ लोगो को यह नहीं पता होता है की निमोनिया का रामबाण इलाज है भाप| अगर निमोनिया की परेशानी से पीड़ित इंसान दिन में दो से तीन बार भाप लेता है तो बहुत जल्द निमोनिया के लक्षण कम होते हुए दिखाई देते है| भाप लेने से सांस लेने में होने वाली परेशानी दूर होने के साथ साथ संक्रमण भी कम होता है, इसके अलावा छाती में बलगम की वजह से होने वाली जकड़न भी कम होती है|

निमोनिया का घरेलू इलाज है सरसों का तेल ( Home Remedies to Pneumonia in Hindi)

प्राचीन समय से सरसो के तेल का इस्तेमाल काफी सारे रोगो को दूर करने के लिए किया जाता है| काफी सारे घरो में सरसो के तेल के फायदे देखते हुए खाना भी सरसो के तेल में बनाया जाता है,सरसो के तेल में मौजूद औषधीय गुण और तत्व निमोनिया का इलाज करने या निमोनिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होते है| सबसे पहले थोड़ा सा सरसो का तेल लेकर उसे गर्म करके उसमे थोड़ी सी हल्दी डाल कर अच्छी तरह से मिला दें जब तेल हल्का गर्म रह जाएं तो इस तेल से मरीज की छाती पर हल्के हाथो से मसाज कर दें| दिन में दो बार सरसो के तेल से मसाज करने से जल्द निमोनिया की परेशानी में आराम मिलता है|

निमोनिया की रामबाण दवा है हल्दी (Home Remedies to Cure Pneumonia in Hindi)

हल्दी को सौ बीमारियो की एक दवा भी कहा जाता है, हल्दी का इस्तेमाल सभी घरो में किया जाता है| हल्दी चोट से लेकर निमोनिया के लक्षण को कम करने में मददगार होती है| नियमित रूप से एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर अच्छी तरह से मिलाकर पीने से जल्द निमोनिया की परेशानी में आराम मिलता है|

निमोनिया से बचाव के लिए तुलसी का सेवन (Home Remedies for Pneumonia Treatment in Hindi)

तुलसी का पेड़ आपको लगभग सभी घरो में देखने को मिलता है, प्राचीन समय से तुलसी को महत्वपूर्ण औषधि के रूप में जाना जाता है| तुलसी के पत्ते में मौजूद गुण और तत्व निमोनिया का इलाज करने या निमोनिया के लक्षण को कम करने में सहायक होते है| निमिनिया का घरेलू इलाज करने के लिए सबसे पहले थोड़ा सा तुलसी का रस लेकर उसमे थोड़ी सी ताजी पिसी काली मिर्च डालकर अच्छी तरह से मिलाकर रख लें फिर इस मिश्रण में से थोड़ा थोड़ा सा मिश्रण हर पांच से छह घंटे बाद सेवन करने से जल्द निमोनिया से राहत प्राप्त होती है|

निमिनिया का इलाज करने में मददगार है पुदीना (Home Remedy to Cure Pneumonia in Hindi)

पुदीने की चटनी खाना सभी को पसंद होता है, लेकिन पुदीने की तासीर ठंडी होती है इसीलिए पुदीने का सेवन ठंड में नहीं किया जाता है| पुदीना के फायदे निमोनिया में भी देखने को मिलते है, पुदीने में मौजूद औषधीय गुण और जरुरी पोषक तत्व निमोनिया की परेशानी को कम करने में सहायक होते है, दिन में एक या दो बार पुदीने की चाय पीने से जल्द निमोनिया की परेशानी में आराम मिलता है, कुछ लोग पुदीने को निमोनिया की दवा भी कहते है|

निमोनिया का देसी इलाज है लौंग (Home Remedies for Pneumonia Disease in Hindi)

लौंग के बारे में तो आप सभी अच्छी तरह से जानते ही होंगे, लौंग का इस्तेमाल गर्म मसाले के रूप में किया जाता है| लौंग के फायदे निमोनिया का इलाज करने या निमोनिया के लक्षण को कम करने में भी देखे जा सकते है, निमोनिया की देसी दवा बनाने के लिए सबसे पहले थोड़ी सी लौंग लेकर उसे तवे पर डालकर अच्छी तरह से भून लें, फिर इन भुनी हुई लौंग को महीन पीस कर चूर्ण बना लें| फिर चुटकी भर लौंग का चूर्ण और आध चम्मच शहद लेकर दोनों को अच्छी तरह से मिलाकर चाट चाट कर सेवन करने से जल्द आराम मिलता है|

निमोनिया के दौरान आपका खान-पान ( Diet during Pneumonia Disease)

निमोनिया की परेशानी होने पर क्या खाएं या किन चीजों का परहेज करना चाहिए, इसके बारे में जानकारी होना बहुत ज्यादा जरुरी है क्योंकि जब मरीज को खाने और परहेज की जानकारी नहीं होती है तो कई बार कुछ चीजों कासेवन करने से परेशानी बड़ सकती है| चलिए सबसे पहले हम आपको निमोनिया में क्या खाना चाहिए इसके बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

निमोनिया में क्या खाना चाहिए ?

निमोनिया में किन चीजों का सेवन करना चाहिए या निमोनिया में कया खाना चाहिए? यह सवाल अधिकतर निमोनिया से पीड़त इंसानो के मन में होती है, चलिए अब हम आपको बताते है की निमोनिया में आपको कया खाना चाहिए

  • निमोनिया की समस्या से पीड़ित इंसान को संतुलित और पौष्टिक भोजन करना चाहिए| पौष्टिक भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है और निमोनिया की परेशानी से आराम मिलता है|
  • निमोनिया से पीड़ित इंसान के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए इसीलिए रोजाना कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
  • ताज़ी हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन करना चाहिए, लेकिन खास ख्याल रखें की सब्जियों को अच्छी और पूर्ण रूप से पकने के बाद ही सेवन करे|
  • ताजे फलों का सेवन लाभकारी होता है|
  • पीड़ित के लिए मिल्क शेक, पनीर, दही का सेवन फायदेमंद होता है|
  • निमोनिया के रोग से पीड़ित इंसान मीट या मछली या अण्डे का सेवन भी कर सकते है|

निमोनिया के दौरान परहेज (Precaution Tips for Pneumonia in Hindi)

निमोनिया से पीड़ित इंसानो के मन में यह सवाल भी होता है निमोनिया में किन चीजों का परहेज करना चाहिए या निमोनिया में कया नहीं खाना चाहिए? चलिए अब हम निमोनिया में परहेज के बारे में बता रहे है| निमोनिया की परेशानी को कम करने के लिए परहेज करना बहुत ज्यादा जरुरी है, चलिए अब हम आपको निमोनिया में परहेज के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

  • अगर आपके आस पास रहने वाले किसी भी इंसान को खांसी की समस्या हो रही है तो ऐसे इंसान से उचित दुरी बनाकर रहें| अगर आपको खांसी की परेशांनी है तो मास्क पहने या खांसते समय मुंह पर रुमाल जरूर रखना चाहिए|
  • अगर आपके बच्चे को खांसी की परेशानी है तो उसे स्कूल या खेलने ना भेजें, बच्चे के स्कूल में या उसके किसी फ्रेंड्स को खांसी या निमोनिया की परेशानी है तो ऐसे बच्चे के संपर्क में आने से बचाएं|
  • काफी सारे इंसान ऐसे होते है जिन्हे कुछ आहारों का सेवन करने एलर्जी की परेशानी हो जाती है ऐसे आहार देने से बचें|
  • चीनी या चीनी से बने पदार्थो का सेवन करने से बचना चाहिए|
  • ठंडे पेय पदार्थो या खाद्य पदार्थों का परहेज करें|
  • निमोनिया से पीड़ित इंसान को ऐसे आहार जिनमें मिलावटी रंग का इस्तेमाल किया जाता है उनका सेवन नहीं करना चाहिए|
  • पीड़ित को दूध और डेयरी उत्पाद से परहेज करना चाहिए क्योंकि इन चीजों का सेवन करने से शरीर में बलगम बढ़ता हैं।
  • निमोनिया के रोगी को पोल्यूशन वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए, अगर जाना जरुरी है तो मुंह पर रुमाल या मास्क लगा कर जाएं|
  • धूम्रपान बिलकुल ना करें और ना ही किसी धूम्रपान करने वाले के पास में बैठें|
  • निमोनिया की परेशानी से ग्रसित इंसान को कैफीनयुक्त पदार्थो का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए|
  • जंक फ़ूड का सेवन करने से परहेज करना चाहिए|
  •  बाहर का खाना खाने से परहेज करें|

निष्कर्ष – हम आशा करते है की आपको हमारे लेख न्यूमोनिया के लक्षण और घरेलू इलाज (Home Remedies for Pneumonia in Hindi) में दी गई जानकारी पसंद आई होगी, यह तो आप समझ गए होंगे की निमोनिया एक घातक बिमारी है इसलिए अंत में हम इतना जरूर कहेंगे की निमोनिया होने पर सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श लें, अगर आपको निमोनिया के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करनी है तो आप गूगल या बिंग पर न्यूमोनिया के लक्षण और घरेलू इलाज (Home Remedies for Pneumonia in Hindi) लिखकर सर्च कर सकते है|

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