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home remedies for piles in hindi

बवासीर की गारंटी की दवा (home remedies for piles in hindi) – बवासीर का नाम लगभग सभी इंसानो ने सुना ही होगा, बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स या हैमोराहोइड ( bawaseer in hindi or piles meaning in hindi ) कहा जाता है| बवासीर की परेशानी किसी भी पुरुष या महिला को किसी भी उम्र में हो सकती है, बवासीर की परेशानी से ग्रसित इंसान को काफी ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ जाता है| बवासीर की परेशानी ऐसी है जिसका जिक्र करने में इंसान को शर्म आती है, इसीलिए अधिकतर इंसान बवासीर की परेशानी को बड़ा लेते है जिससे उहे और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ जाता है| बवासीर की परेशांनी से पीड़ित इंसान बवासीर का इलाज करा लेता है लेकिन काफी मामलो में बवासीर की अंग्रेजी दवा ज्यादा कारगर सिद्ध नहीं होती है या बवासीर की परेशानी ठीक होने के बाद दोबारा हो जाती है, ऐसे में बवासीर का रामबाण इलाज घरेलू नुस्खों को माना जाता है कुछ इंसान बवासीर के घरेलू उपाय को बवासीर की गारंटी की दवा भी मानते है|

बवासीर की परेशानी होने पर इंसान इंटरनेट पर बवासीर की गारंटी की दवा, बवासीर का इलाज, बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज, बवासीर का घरेलू उपाय, पाइल्स का घरेलू इलाज हिंदी में, बवासीर का देसी इलाज, पुरानी बवासीर का इलाज, home remedies for piles in hindi, piles treatment in hindi, piles symptoms in hindi, piles kya hota है, piles treatment at home in hindi इत्यादि लिखकर सर्च करता है| अगर आप बवासीर की परेशानी से पीड़ित है और आप बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज ढूंढ रहे है तो हमारा यह लेख आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है| बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण इलाज के बारे में बताने से पहले हम आपको बवासीर के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है| बवासीर कया होती है? और बवासीर होने के कारण के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

Table of Contents

बवासीर कया होती है? या piles kya hota hai ? (what is piles in hindi ?)

बवासीर का नाम तो लगभग सभी इंसान जानते ही है लेकिन आज भी काफी सारे पुरुष या महिला ऐसे है जिन्होंने बवासीर का नाम तो सुना होता है लेकिन उन्हें बवासीर कया होती है ? इसके बारे में जानकारी नहीं होती है| अगर आप भी बवासीर के बारे में नहीं जानते है तो परेशां ना हो हम आपकी परेशानी का समाधान करने की पूर्ण कोशिश करेंगे| दरसल बवासीर की परेशानी गुदा पर होती है, बावासीर में गुदा (Anus in hindi) के अंदर और बाहर तथा मलाशय के निचले हिस्से में सूजन की परेशानी हो जाती है, सूजन के कारण गुदा के अन्दर की तरफ और बाहर की तरफ किसी भी एक तरफ मस्से बन जाते हैं। जब किसी भी इंसान की गुदा में मस्से हो जाते है तो मस्से कभी अन्दर और कभी बाहर आते रहते हैं। बवासीर से पीड़ित इंसान को काफी साड़ी परेशानियो का सामना करना पड़ता है जैसे उठने या बैठने में दिक्कत होना, स्टूल पास करते समय दर्द होना, स्टूल पास करने के बाद या स्टूल के साथ खून आना इत्यादि| इसीलिए बवासीर से पीड़ित इंसान को पाइल्स का इलाज (Piles Treatment in hindi) सही समय पर कराना बहुत ज्यादा जरुरी है अगर आप बवासीर का इलाज करने में लापरवाही करते है तो आपकी परेशानी बहुत ज्यादा बड़ सकती है|

अगर कोई भी महिला या पुरुष बवासीर की समस्या से ग्रसित होता है और वो बवासीर का इलाज करने में देरी करता है तो धीरे धीरे आपकी परेशानी बड़ जाती है| अधिक समय तक इलाज ना कराने पर बवासीर भगन्दर का रूप ले लेती है, भगन्दर को अंग्रेजी में फिस्टुला या फिस्टुला को हिंदी में भगन्दर कहा जाता है| फिस्टुला (Fistula in hindi ) की परेशानी हो जाने पर इंसान को असहाय जलन और पीड़ा का सामना करना पड़ता है| चलिए बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज को बताने से पहले आपको भगन्दर कया होता है? इसके बारे में जानकारी दे रहे है

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फिस्टुला या भगन्दर कया है? (what is fistula in hindi )

भगन्दर या फिस्टुला (fistula in hindi ) का नाम तो अधिकतर लोगो ने सुना होता है और जिन्हे भगन्दर के बारे नहीं पता है वो इंटरनेट पर भगन्दर कया होता है? भगन्दर क्यों होता है? फिस्टुला कया होता है? भगन्दर होने के कारण इत्यादि लिखकर सर्च करता है| चलिए अब हम आपको भगन्दर के बारे में बताते है दरसल गुदा के मध्य भाग में गुदा ग्रंथियां मौजूद रहती है, ग्रंथियो में संक्रमण होने पर गुदा पर फोड़े की समस्या हो जाती है, बाद में इन फोड़ो में से मवाद भी आने लगता है। फोड़ो और संक्रमित ग्रंथि को जोड़ने वाले मार्ग को फिस्टुला कहा जाता है| काफी सारे इंसानो को लगता है की बवासीर और भगन्दर एक ही होता है जबकि सच्चाई यह नहीं है दरसल बवासीर और भगन्दर अलग अलग होता है चलिए अब हम आपको दोनों में अंतर के बारे में बताते है

बवासीर और भगन्दर में अंतर

बवासीर की परेशानी में इंसान को मस्से की समस्या होती है लेकिन भगन्दर में मस्से की परेशानी बही होती है बल्कि भगन्दर में इंसान को फोड़े की परेशानी होती है| जब किसी भी इंसान के गुदा के आस पास कोई फोड़ा हो जाता है फिर धीरे धीरे फोड़े के कई सारे मुंह बनने लगते है, इस इस्थिति में इंसान अगर उस फोड़े को छेड़ता है तो इंसान को भगन्दर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है| भगन्दर के फोड़ो में से शुरुआत में मवाद और खून कम मात्रा में निकलता है फिर धीरे धीरे मवाद और खून बढ़ने के साथ साथ खुजली,  बेचैनी और दर्द भी होने लगता है|

बवासीर होने के कारण (Causes of Hemorrhoids or Piles in hindi)

बवासीर से ग्रसित महिला या पुरुष अपनी परेशानी से छुटकारा पाने के लिए बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज अपनाता है लेकिन बवासीर का इलाज करने से पहले आपको बवासीर होने के कारण या पाइल्स होने के कारण जानना बहुत जरुरी है|  क्योंकि अगर आपको बवासीर होने के कारण के बारे में पता होता है तो आप अपने आपको बवासीर की परेशानी होने बचा सकते है और इलाज करने में आसानी हो जाती है|

  • आयुर्वेद के अनुसार बवासीर होने का कारण वात, कफ और पित्त दोषों के दूषित होना होता है। चलिए अब हम आपको बवासीर होने के करण के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है
  • जब कोई भी इंसान काफी लम्बे समय तक खड़ा रहता है या अपने काम की वजह से खड़े होना पड़ता है| कुछ इंसानो को लम्बे समय तक खड़े होने के साथ साथ भरी वजन भी उठाना पड़ जाता है उनमे बवासीर की परेशानी होने से संभावना सबसे ज्यादा होती है|
  • बवासीर होने का एक कारण है कब्ज होना, जब कोई भी इंसान कब्ज की समस्या से पीड़ित होता है तो ऐसे इंसान को मल त्याग्ने काफी दिक्कत होती है क्योंकि कब्ज की वजह से मल सूखा और कठोर हो जाता है, मल त्याग्ने में काफी जोर भी लगाना पड़ता है जोर लगाने का असर रक्तवाहिनियों पर पड़ता है जिसकी वजह से मस्से की समस्या हो सकती है|
  • ऐसे इंसान जो बहुत अधिक तला भुना और ज्यादा मिर्च मसाले युक्त भोजन करते है ऐसे इंसानो में बवासीर की परेशानी हो सकती है|
  • बवासीर होने का कारण शौच ठीक से ना होना भी होता है।
  • गर्भवती महिलाओ में या प्रसव के दौरान महिलाओ में बवासीर होने की प्रबल संभावना होती है क्योंकि इस समय पर महिलाओ के गुदा क्षेत्र पर दबाव पड़ता है।
  • पाइल्स होने का कारण धूम्रपान, शराब और आने मादक पदार्थो का सेवन भी होता है।
  • जब कोई भी महिल या पुरुष अवसाद या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है तो अवसाद या मानसिक तनाव का नकारात्मक असर इंसान के शरीर पर भी पड़ता है, कुछ मामलो में बवासीर होने का कारण अवसाद या मानसिक तनाव भी होता है|
  • बवासीर होने का कारण अनुवांशिकता भी होता है, अगर आपके परिवार में किसी को बवासीर की परेशानी होती है या आपकी पीढ़ी में बवासीर की परेशानी होती है तो आप भी बवासीर की परेशानी से पीड़ित हो सकते है|

बवासीर कितने प्रकार की होती है (Types of Piles (Hemorrhoids) in hindi )

बवासीर के बारे में तो आप ऊपर पड़ चुके है लेकिन कया आप बवासीर के प्रकार के बारे में जानते है, अगर आपका जवाब ना है तो परेशान ना हो अब हम आपको बवासीर के प्रकार के बारे में बताने जा रहे ही| बवासीर या पाइल्स दो प्रकार की होती हैं पहले है खूनी बवासीर और दूसरी है बादी बवासीर, चलिए अब हम आपको इन दोनों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

खूनी बवासीर (blood piles in hindi )

खूनी बवासीर को बवासीर का पहला प्रकार माना जाता है, खूनी बवासीर से पीड़ित इंसानो की संख्या काफी होती है| इस प्रकार की बवासीर से पीड़ित इंसान को किसी प्रकार की पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ता है, खूनी बवासीर में इंसान को मल त्याग करते समय या मल त्यागने के बाद खून आता है। खूनी बवासीर से पीड़ित इंसान की गुदा के अन्दर मस्से की परेशानी हो जाती है गुदा के अंदर उत्पन्न मस्से मल त्यागते समय गुदा से बाहर आ जाते है और मल त्यागने के बाद मस्से अपने आप अन्दर भी चले जाते हैं। खूनी बवासीर के बारे में जैसे खूनी बवासीर होने के कारण और खूनी बवासीर का रामबाण इलाज के बारे में आप हमारे दूसरे लेख में पड़ सकते है| अगर खूनी बवासीर का इलाज ना किया जाएं तो बिमारी गंभीर रूप भी ले सकती है इस स्थिति में मस्से गुदा के बाहर आ जाते है और हाथ से अंदर करने पर भी अंदर नहीं जाते है| खूनी बावासीर का इलाज सही समय पर करना जरुरी है, इसीलिए इसमें लापरवाही बिलकुल ना करें तुरंत डॉक्टर से परामर्श और इलाज करवाएं|

बादी बवासीर

बादी बवासीर को बवासीर का दूसरा प्रकार कहा या माना जाता है|बादी बवासीर की परेशानी से ग्रसित इंसान को पेट की समस्या, कब्ज और गैस की समस्या का सामना करना पड़ता है, बादी बवासीर में भी भी मस्से की परेशानी देखने को मिलती है लेकिन इस प्रकार की बवासीर के मस्से गुदा के बाहर होते है जिन्हे आप आसानी से देख सकते है| बादी बवासीर के मस्सो में रक्तस्राव नहीं होता है, लेकिन में खुजली और जलन की परेशानी होती रहती है। बड़ी बवासीर की शुरुआती अवस्था में तकलीफ नहीं होती है, लेकिन अगर आप बादी बवासीर का इलाज नहीं करते है और अपने खान पान का ख्याल नहीं रखते है तो आपकी परेशानी बाद सकती है| बादी बवासीर की परेशानी बढ़ने पर मस्से फूल जाते हैं, फिर मस्सो में खून जमा होने लगता है और सूजन भी आ जाती है। गंभीर अवस्था में पीड़ित को असहनीय पीड़ा या दर्द का सामना करना पड़ता है दर्द इतना तेज होता है की इंसान दर्द से चिल्लाने या छटपटाने लगता है। परेशानी बाद जाने पर मरीज को मल त्यागते समय और मल त्याग्ने के बाद दर्द का सामना करना पड़ता है, पीड़ित इंसान को चलने फिरने में या उठने बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ता है|इसीलिए बादी बवासीर का इलाज सही समय से कराना बेहद जरुरी है|

बवासीर होने के लक्षण (Symptoms of Hemorrhoids or Piles in hindi)

कुछ मामलो में बवासीर की परेशानी 5 से 6 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन अगर बवासीर की परेशानी बाद रही है और आपको समझ में नहीं आ रहा है तो आप बवासीर होने लक्षणों से बिमारी का पता लगा सकते है| नीचे बताए जा रहे बवासीर के लक्षणों में से से अगर आपको कोई सा भी लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही बिलकुल भी ना करें तुरन्त डॉक्टर से जांच करवाएं और परामर्श लें, चलिए अब हम आपको बवासीर के लक्षण के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

  • अगर आपकी गुदा के आस पास सख्त गांठ जैसी महसूस हो रही है और इस गांठ में दर्द की परेशानी हो रही है तो आप बवासीर की परेशानी से पीड़ित हो सकते है|
  • मल त्याग्ने के बाद भी ऐसा महसूस हो रहा हो जैसे पेट अभी साफ नहीं हुआ है|
  • स्टूल पास करते समय जलन के साथ लाल चमकदार खून आना भी बवासीर का लक्षण होता है|
  • अगर आपको गुदा के आस पास खुजली, लालीपन और सूजन की समस्या हो रही है तो आप बवासीर की परेशानी से ग्रसित हो सकते है।
  • स्टूल पास करते समय म्यूकस आना भी बवासीर का लक्षण होता है|
  • मल त्याग्ने के बाद भी बार बार मल त्यागने की इच्छा हो रही हो लेकिन जब मल त्यागते जाते है तो मल का ना आना भी बवासीर का लक्षण होता है|

बवासीर के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे और रामबाण उपाय (home remedies for piles in hindi)

बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा को अपना सकते है| चलिए अब हम आपको बवासीर या पाइल्स का घरेलू इलाज (Bavasir ka upchar) के लिए घरेलू उपाय की जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

बवासीर के दर्द में तुरंत आराम दिलाने का घरेलू उपाय है गर्म पानी (Uses of Hot Water in Piles Treatment in Hindi)

बवासीर की परेशानी से पीड़ित इंसान को कई बार काफी तेज दर्द का सामना करना पड़ता है, अगर आप भी दर्द की समस्या से पीड़ित है तो गर्म पानी आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है| सबसे पहले एक बाथ टब लेकर उसमे इतना गर्म पानी डालें जितना आप आसानी से सहन कर सकें, फिर गर्म पानी में 10 से 15 मिनट बैठने से बवासीर के दर्द और जलन से राहत मिलती है| गर्म पानी को बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज भी कहा जा सकता है|

बवासीर का घरेलू उपचार है बादाम का तेल (Badam oil : Home Remedies for Hemorrhoids Treatment in Hindi)

अगर आप बवासीर की परेशानी से पीड़ित है और आप बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज सर्च कर रहे है तो बादाम का तेल आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है| बादाम के तेल में मौजूद औषधीय गुण बवासीर के मस्सो की सूजन और जलन को कम करने में मददगार साबित होते है, बवासीर का इलाज करने के लिए सबसे पहले  थोड़ा सा शुद्ध बादाम का तेल लें लें फिर रुई की मदद से बादाम का तेल बादी बवासीर में मस्सों पर लगाने से बहुत जल्द आराम मिलता है|

बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज है जैतून का तेल (Olive Oils : Home Remedy for Piles Treatment in Hindi)

जब कोई इंसान बवासीर से पीड़ित होता है तो कुछ मामलो में रक्तवाहिकाओं में सूजन आ जाती है| जैतून के तेल के बारे में सभी जानते ही है लेकिन काफी कम इंसान जानते है की जैतून का तेल बवासीर का इलाज करने में भी सहायक होता है, जैतून के तेल में मौजूद औषधीय गुण बादी बवासीर के मस्सो का इलाज करने के साथ साथ रक्तवाहिकाओं में आई सूजन को कम करने में लाभदायक होता है| नियमित रूप से जैतून का तेल बादी बवासीर के मस्सो पर लगाने से जल्द आराम मिलता है, जैतून के तेल को बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज भी कह सकते है|

बवासीर का रामबाण इलाज है सेब का सिरका (Use Apple Vinegar for Piles Treatment in Hindi)

सेब के सिरके में मौजूद औषधीय गुण बादी बवासीर के मस्सो की सूजन को कम करके रक्तवाहिनियों को सिकोड़ने में मददगार साबित होते है। सेब का सिरका बादी बवासीर के मस्सो का इलाज और खुनी बवासीर के मस्सो का इलाज करने में सहायक होता है, अगर आप बादी बवासीर की परेशानी से पीड़ित है तो थोड़ा सा सेब का सिरका लें लें फिर थोड़ी सी रुई लेकर उसे सेब के सिरके में भिगोकर गुदा पर रखने से जल्द जलन और खुजली से आराम मिलता है। कुछ इंसान सेब के सिरके को बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज भी कहते है|

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार है एलोवेरा (Use Aloe vera for Piles Treatment in Hindi)

यह तो सभी जानते ही है की एलोवेरा त्वचा के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होता है, लेकिन कया आप जानते है की एलोवेरा बवासीर का इलाज (Bavasir ka upchar) करने में सहायक होता है| एलोवेरा में मौजूद औषधीय और सूजनरोधक गुण बवासीर की जलन को कम करने में मददगार साबित होते है| एलोवेरा अंदरूनी और बाहरी दोनों प्रकार की बवासीर का इलाज में लाभदायक होता है, बादी बवासीर के मस्सो पर एलोवेरा गुद्दा या जेल लगाने से बवासीर की जलन और खुजली जल्द शांत हो जाती है। नियमित रूप से एलोवेरा के गुद्दे का सेवन करने से इंसान को कब्ज की समस्या नहीं होती है और मल त्यागने में आसानी होती है। एलोवेरा को आप बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज के रूप में भी जान सकते है|

बवासीर का घरेलू उपचार है केला (Kela se Kare Piles ka Ilaj in Hindi)

बवासीर होने का कारन कब्ज की समस्या भी होती है, अगर कब्ज की समस्या से छुटकारा नहीं मिलता है तो आपकी परेशानी बड़ सकती है| अगर आप बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज ढूंढ रहे है तो पका केला आपके बेहतर विकल्प हो सकता है| केला हमारे शरीर के साथ साथ पेट के लिए भी बहुत ज्यादा लाभकारी होता है, नियमित रूप से केले का सेवन करने से कब्ज की समस्या समाप्त हो जाती है, बवासीर का इलाज करने सबसे पहले पके हुए केले को पानी में उबाल कर खाने से जल्द लाभ मिलता है| केले से पाइल्स का इलाज करने के लिए किसी वैध या चिकित्सक की सलाह से घरेलू नुस्खा अपनाने से जल्द लाभ मिलता है|

पाइल्स का घरेलू उपचार है पका हुआ पपीता (Benefits of Papaya in Piles Disease in Hindi)

पपीता पेट के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है, पपीता पेट से सम्बंधित परेशानी को दूर करने में सहायक होता है, नियमित रूप से रात को भोजन में पका पपीता खाने से कब्ज की परेशानी नहीं होती है और मल त्यागते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है| पपीते में मौजूद औषधीय गुण और पोषक तत्व बवासीर की परेशानी को कम करने में सहायक होते है इसीलिए पपीते को बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा भी कहा जाता है|

पाइल्स का रामबाण इलाज है छाछ (Whey and Oregano : Home Remedies for  Treatment of Hemorrhoids in Hindi)

प्राचीन समय से छाछ को अमृत के समान माना गया है। छाछ हमारे शरीर और पेट के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है| गर्मियों के मौसम में अधिकतर इंसान छाछ का सेवन करते है क्योंकि छाछ पेट को ठंडक पहुंचाने के साथ साथ कब्ज जैसी समस्या को भी दूर करता है| छाछ को आप बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा भी कह सकते है, नियमित रूप से एक गिलास छाछ में लगभग चौथाई चम्मच अजवायन पाउडर और स्वादनुसार काला नमक डालकर अच्छी तरह से मिलाकर दोपहर के खाने के साथ पीने से आराम (Bavasir ka upchar) मिलता है।

पाइल्स या बवासीर की परेशानी में आराम दिलाने में सहायक है नींबू (Use of Lemon to Cure Piles in Hindi)

गर्मियों में नींबू पानी या शिकंजी पीना सबको पसंद होता है, लेकिन कया आप जानते है नींबू बवासीर का इलाज करने में सहायक होता है| नींबू में मौजूद औषधीय गुण बवासीर की परेशानी को कम करने में मददगार होते है, सबसे पहले नींबू का रस निकाल लें, फिर नींबू के रस में थोड़ा सा अदरक का रस और शहद लेकर तीनो चीजों को अच्छी तरह से मिलाकर सेवन करने से जल्द बवासीर की परेशानी में लाभ पहुँचता है। कुछ इंसान नींबू का इस्तेमाल बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा के रूप में भी करते है|

बादी बवासीर का घरेलू उपचार है जीरा (Jeera : Home Remedies to Cure Hemorrhoids in Hindi)

जीरा आपको आसानी से मिल जाता है और जीरे का उपयोग लगभग सभी घरो में किया जाता है, लेकिन बहुत कम इंसानो को पता है की जीरा बादी बवासीर का इलाज करने में सहायक होता है| जीरे में मौजूद औषधीय गुण बादी बवासीर में दर्द और जलन का इलाज करने में मददगार होते है| बादी बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा बनाने के लिए सबसे पहले थोड़े से जीरे के दानों को थोड़े से पानी के साथ महीन पीसकर लेप बना कर बादी बवासीर के मस्सो पर लगाने से जल्द आराम मिलता है।

अंजीर खाने से बवासीर रोग में लाभ (Ajneer : Home Remedies to Cure Hemorrhoids in Hindi)

अगर आप बवासीर की परेशानी से पीड़ित है और आप बादी बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा सर्च कर रहे है तो अंजीर आपके लिए लाभकारी होती है| सबसे पहले एक गिलास पानी लेकर उसमे तीन अंजीर रात भर के लिए भिगों कर रख दें, फिर अगली सुबह खाली पेट सबसे पहले अंजीर का सेवन कर लें, उसके बाद बचे हुए पानी को भी पी लें, नियमित रूप से पाइल्स के घरेलू उपाय को अपनाने से जल्द राहत मिलती है|

बवासीर की रामबाण दवा है नारियल (Coconut : Home Remedy for Hemorrhoids Treatment in Hindi)

नारियल पानी पीना सभी को पसंद होता है, नारियल पानी पेट और शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है| अगर आप बादी बवासीर की समस्या से ग्रसित है तो नारियल आपकी इस परेशानी को दूर करने में मददगार हो सकता है| बादी बवासीर का इलाज करने के लिए सबसे  पहले आप एक नारियल लेकर उसकी जटाओं को अलग कर लें, फिर नारियल की जटाओ को जलाकर राख या भस्म बना कर उसे छान लें, फिर नियमित रूप से सुबह खाली पेट एक गिलास ताजा छाछ या मट्ठा लेकर उसमे थोड़ी सी नारियल की जटाओ की रख डालकर अच्छी तरह से मिलकर पीने से बहुत जल्द आराम मिलता है| नारियल को आप बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज या बवासीर की गारंटी की दवा भी कह सकते है|

हम आशा करते है की आपको हमारे लेख बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज (piles treatment at home in hindi) में दी गई जानकारी आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती है| लेकिन अगर आप हमारे दवरा दी गई जानकारी से संतुष्ट नहीं है आप गूगल या बिंग पर बवासीर की गारंटी की दवा या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज (piles treatment at home in hindi) लिखकर सर्च कर सकते है|

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