web analytics
Sun. Sep 25th, 2022
home remedies for paralysis

लकवा का देसी इलाज (home remedies for paralysis in hindi) – लकवा की परेशानी के बारे में सभी अच्छी तरह से जानते है, लकवा को अंग्रेजी में पैरालिसिस कहा जाता है| मानव शरीर की सरंचना इतनी जटिल होती है जिसे समझना आसान नहीं है| हालाँकि चिकित्सा विज्ञान इस पहेली को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहा है| लेकिन कुछ बिमारी ऐसी भी है जिनके बारे में अभी काफी रिसर्च होने की जरुरत है, ऐसी ही एक परेशानी है लकवा यानी पैरालिसिस| लकवा की परेशानी शरीर के हिस्से को प्रभावित करती है, अधिकतर मामलो में देखा गया है की लकवा शरीर के बाएं हिस्से में ज्यादा होता है| शरीर के जिस हिस्से पर लकवा का असर हो जाता है वो हिस्सा काम करना बंद कर देता है, हालाँकि लकवा का इलाज एलोपेथिक के मुकाबले देसी या घरेलू उपचार को ज्यादा बेहतर माना जाता है| आज हम आपको अपने इस लेख में पैरालिसिस के लक्षण, पैरालिसिस के प्रकार इत्यादि के बारे में अहम् जानकारी उपलब्ध करा रहे है|

जिन इंसानो को लकवा का देसी इलाज के बारे में जानकारी नहीं होती है वो इंटरनेट का सहारा लेती है, इंसान इंटरनेट पर लकवा के लक्षण, लकवा का देसी इलाज, लकवा का घरेलू उपचार, लकवा की घरेलू दवा या पैरालिसिस का घरेलू इलाज,home remedies for paralysis,home remedies for paralysis in hindi इत्यादि लिखकर सर्च करता है| हालाँकि लकवा के लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि हम सभी जानते है की घरेलू उपचार अपना असर दिखाने में थोड़ा समय लेते है| डॉक्टर से प्राथमिक चिकित्सा लेने के बाद घरेलू उपाए अपनाएं| चलिए पैरालिसिस का घरेलू इलाज या लकवा का देसी इलाज जानने से पहले हम आपको लकवा कया होता है इसके बारे में बताते है

Table of Contents

पैरालिसिस कया है या लकवा क्या होता है? – What is Paralysis in Hindi

लकवा को पैरालिसिस या पक्षाघात के नाम से भी पुकारा जाता है, लकवा को आम भाषा में समझाएं तो आप ऐसे समझ सकते है की जब शरीर के किसी एक हिस्से या अंग की मांसपेशियां काम करना बंद कर दें या अंग सुन्न हो जाएं और उसमे किसी भी प्रकार की क्रिया ना हो तो इसका कारण पूर्ण लकवा या आंशिक लकवा हो सकता है| लकवा शरीर के दाएं या बाएं तरफ या दोनों तरफ हो सकता है, आमतौर पर लकवा शरीर के बाएं हिस्से को ज्यादा प्रभावित करता है| लकवा या पैरालिसिस की परेशानी मुँह, हाथ और पैर या आने हिस्सों में हो सकता है, लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू इलाज अपनाकर आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते है| लकवा के घरेलू उपचार के बारे में बताने से पहले हम आपको लकवा या पैरालिसिस के प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे है

पैरालिसिस कितने प्रकार का होता है या लकवा के प्रकार – Types of Paralysis in Hindi

आमतौर पर लकवा या पैरालिसिस के बारे में सभी जानते है लेकिन लकवा के प्रकार के बारे में काम इंसान ही जानते है| पैरालिसिस की परेशानी को प्रभावित हिस्से और समय के हिसाब से बांटा गया है, चलिए अब हम आपको पैरालिसिस के प्रकार के बारे में बता रहे है

समय के आधार पर पैरालिसिस के प्रकार  :

समय के आधार पर पैरालिसिस को दो प्रकार में बनता गया है, चलिए अब हम आपको समय के आधार पर लकवा के प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे है

परमानेंट लकवा (Permanent paralyisis in hindi) :

जब किसी भी इंसान के शरीर में किसी भी प्रकार की कमी होने की वजह से या फिर किसी एक्सीडेंट की वजह से लकवा हो जाता है तो इस प्रकार के लकवे को परमानेंट पैरालिसिस कहा जाता है| परमानेंट लकवा शरीर के जिस हिस्से को प्रभावित करता है वो हिस्सा निष्क्रिय हो जाता है, इस तरह के लकवे का इलाज जल्दी से नहीं हो पता है या इलाज लम्बे समय तक चलता है|

स्लीप पैरालिसिस या टेंपरेरी लकवा (Temporary paralyisis in hindi) :

आमतौर पर इस प्रकार का लकवा काफी ज्यादा देखने को मिलता है, स्लीप पैरालिसिस स्थाई नहीं होता है लिस प्रकार के लकवे का इलाज करने पर थोड़े समय बाद लकवा की परेशानी से छुटकारा मिल जाता है| किसी भी इंसान को सोते समय हिलने में असमर्थता या हिला ना जा रहा हो, सोकर उठने के बाद हिला ना जा रहा हो या बोला ना जा रहा है इत्यादि परेशानी को टेंपरेरी पैरालिसिस या स्लीप पैरालिसिस माना जाता है। अगर आपको इनमे से कोई सा भी लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही बिलकुल नहीं करनी चाहिए तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाकर इलाज और दवा लें|

शरीर के प्रभावित हिस्से के आधार पर पैरालिसिस के प्रकार

मोनोपलेजिया लकवा (Monoplegia paralyisis in hindi) :

अगर किसी भी इंसान के शरीर के एक अंग खासतौर पर एक बांह में पक्षाघात या लकवा का असर हो जाता है तो इस प्रकार के लकवे को मोनोपलेजिया पैरालिसिस के नाम से जाना जाता है|

हेमीपलेजिया पक्षाघात (Hemiplegia paralyisis in hindi) :

किसी भी इंसान के शरीर का एक हिंसा लकवा की परेशानी से ग्रसित हो जाता है तो इस प्रकार के पैरालिसिस को हेमीपलेजिया लकवा के नाम से जाना जाता है। हेमीपलेजिया पेरालिसिस में बायां या दायां हिस्सा पूरा प्रभावित होता है, एक तरफ का पूरा हिस्सा मतलब एक हाथ, एक पैर और कंधा लकवे से ग्रसित हो जाते है|

क्वाड्रिप्लेजिया पैरालिसिस (Quadriplegia paralyisis in hindi) :

अगर किसी भी इंसान के दोनों हाथ और दोनों पैर पर लकवे का असर हो जाता है तो इस प्रकार के लकवे को टेट्राप्लेजिया या क्वाड्रिप्लेजिया पैरालिसिस कहा जाता है। इस प्रकार के लकवे से पीड़ित इंसान से उठा भी नहीं जाता है|

पैरापलेजिया लकवा (paraplegia paralyisis in hindi) :

किसी भी पुरुष या महिला के कमर से नीचे के अंगों पर लकवे का असर हो जाता है तो इस प्रकार के पैरालिसिस को पैरापलेजिया पैरालिसिस के नाम से जाना जाता है। इस प्रकार के लकवे में पीड़ित इंसान के दोनों पैर पर लकवे का असर हो जाता है, पीड़ित की कमर से ऊपर का हिस्सा सही काम करता है|

बेल्स पेल्से पैरालिसिस (Bell’s Palsy paralyisis in hindi) :

इस प्रकार का पक्षघात या लकवा चेहरे में देखने को मिलता है, किसी इंसान के शरीर या चेहरे की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण चेहरे पर लकवा की समस्या हो जाती है| चेहरे पर लकवा से पीड़ित इंसान को बोलने में परेशानी होती है कुछ भी खाने पीने में दिक्कत होती है और पीड़ित इंसान का चेहरा भी टेढ़ा हो जाता है|

लकवा होने के कारण या पैरालिसिस के कारण – Causes of Paralysis in Hindi

काफी सारे इंसानो के मन में यह सवाल होता है की लकवा क्यों होता है या पैरालिसिस होने के कारण कौन कौन से है? हालाँकि लकवा या होने के कारण काफी सारे होते है, जिनमे से कुछ कारणों के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे है

  • पैरालिसिस होने का कारण स्ट्रोक या किसी तरह का अटैक भी हो सकता है
  • अगर आपके कान में दर्द की परेशानी बार बार हो रही है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि लकवा होने का कारण कान दर्द भी होता है
  • किसी भी इंसान के शरीर की पीठ या सिर में गहरी चोट लगने की वजह से भी पैरालिसिस की परेशानी हो सकती है।
  • किसी भी इंसान के शरीर में पोटैशियम की मात्रा कम हो जाती है तो इस कमी को हाइपोकैलेमिया की परेशानी कहा जाता है और कुछ मामलो में इसकी वजह से भी लकवा हो सकता है
  • अगर किसी भी पुरुष या महिला को ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड की बीमारी होती है तो ऐसे इंसान को पैरालिसिस होने की सम्भावना काफी ज्यादा होती है।
  • अगर आपके शरीर का कोई भी एक हिस्सा मतलब एक हाथ या एक पैर (दायां या बायां हिस्सा) में कमजोरी महसूस हो रही है तो यह भी लकवा होने का कारण हो सकता है|
  • पैरालिसिस होने का कारण पोलियो इंफेक्शन भी होता है।
  • पैरालिसिस या लकवा होने का कारण ऑटोइम्यून रोग भी होता है|
  • किसी भी इंसान को अगर मांसपेशियों से संबंधित रोग होता है तो इस बिमारी को मायोपैथी कहा जाता है, इस बिमारी में पीड़ित के शरीर की मांसपेशिया ठीक से काम नहीं करती है| आमतौर पर यह बिमारी शराब का सेवन करने वाले इंसानो में ज्यादा देखने को मिलती है|
  • कुछ मामलो में मांसपेशिया की बिमारी अर्थात मायोपैथी की परेशानी जन्मजात होती है|
  • पैरालिसिस होने का कारण कुछ ख़ास डावाओ का सेवन भी होता है, अगर आप स्टैटिन या स्टेरॉयड जैसी अन्य दवाओं का सेवन करते है तो इनसे आपके शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है, जिसकी वजह से लकवे की परेशानी हो सकती है|
  • लकवा होने का एक कारण मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की परेशानी भी होती है, इस बिमारी में शरीर में प्रोटीन का उत्पादन होना बंद हो जाता है जिसकी वजह से पीड़ित की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है|

लकवा (पैरालिसिस) के लक्षण – Symptoms of Paralysis in Hindi

ऊपर आपने लकवा होने के कारण के बारे में जानकारी प्राप्त की, लकवा का देसी इलाज (home remedies for paralysis in hindi) के बारे में जानने से पहले आपको लकवा के लक्षण के बारे में भी जानकारी होना बहुत जरुरी है| अगर आपको पैरालिसिस के लक्षण पता होंगे तो आप लकवा को शुरूआती दौर में ही पहचान सकते है| जिससे आपको लकवा का इलाज करने में आसानी हो जाती है, चलिए अब हम आपको पैरालिसिस के लक्षणों के बारे में बताते है

  • अगर आपको अपना शरीर को हिलाने में असमर्थता हो रही है तो इसके पीछे का कारण लकवा भी हो सकता है| ऐसी स्थिति में लापरवाही ना करें तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें|
  • शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन की परेशानी होना लकवा के लक्षणों में शामिल होता है।
  • किसी भी पुरुष या महिला के शरीर के कोई भी एक हिस्सा सुन्न हो रहा है तो इसके पीछे की वजह लकवा भी हो सकता है|
  • लकवा या पैरालिसिस होने का प्रमुख कारण मांसपेशियों (Platysma in hindi) में कमजोरी होना होता है|
  • चेहरे का दायां या बायां हिस्सा कमजोर हो रहा है तो आपका सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि यह मुंह के लकवा होने का लक्षण हो सकता है|

home remedies for paralysis

लकवा का देसी इलाज | पैरालिसिस का घरेलू उपचार | home remedies for paralysis in hindi

जब भी कोई इंसान या परिवार में किसी भी सदस्य को लकवा की की परेशानी हो जाती है तो आज भी अधिकतर इंसान लकवा का इलाज करने के लिए देसी या घरेलू उपाए (home remedies for paralysis in hindi) अपनाना पससंद करते है| चलिए अब हम आपको लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है-

पैरालिसिस का घरेलू उपचार है दूध और छुहारा (home remedies for paralysis in hindi)

पैरालिसिस की परेशानी से आराम दिलाने के लिए आप दूध और छुहारे का इस्तेमाल कर सकती है| सबसे पहले दो या चार छुहारे लेकर उन्हें एक कटोरी दूध में अच्छी तरह से भिगोकर रख दें, कुछ समय बाद जब छुहारे फूल जाएं तो उनके बीज निकाल कर मरीज को दें दें| नियमित रूप से दूध में भीगे छुहारे खाने से बहुत जल्द लकवा की परेशानी में आराम मिलने लगता है| दूध और छुहारे के इस घरेलू नुस्खे को लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार भी कहा जा सकता है|

पैरालिसिस की घरेलू दवा है उड़द दाल और सोंठ का पानी (home remedies for paralysis in hindi)

अगर आपके परिवार में किसी सदस्य को लकवा की परेशानी हो गई है और आप लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार सर्च कर रहे है तो अब हम आपको एक आसान उपाए बताने जा रहे है| इस नुस्खे को वेध की सलाह से करने से बहुत जल्द आराम मिलता है, लकवे की घरेलू दवा बनाने के लिए सबसे पहले सोंठ का पानी गर्म होने के लिए हल्की आंच पर रख दें फिर उसमे उड़द की दाल डाल पर पकने दें| जब दाल अच्छी तरह से पक जाएं तो मिश्रण को उतार कर हल्का गर्म सेवन कर लें| नियमित रूप से इस उपाए को करने से जल्द आराम मिलता है|

लकवे का रामबाण इलाज है काली मिर्च और घी का लेप (home remedies for paralysis in hindi)

अगर आप लकवे की आयुर्वेद दवा या लकवा का देसी इलाज सर्च कर रहे है तो लकवे की परेशानी से राहत दिलाने में घी और काली मिर्च मददगार साबित हो सकती है| सबसे पहले थोड़ी सी काली मिर्च लेकर उन्हें महीन पीस कर चूर्ण बना लें| फिर काली मिर्च चूर्ण और घी को लेकर अच्छी तरह से मिला लें, फिर लकवे से प्रभावित अंग पर इस मिश्रण का लेप करके हल्के हाथो से मालिश करें| नियमित रूप से घी और काली मिर्च के मिश्रण से मालिश करने से कुछ दिनों में आराम मिल जाता है|

लकवे की घरेलू दवा है करेला (home remedies for paralysis in hindi)

करेले का सेवन करना लगभग सभी को पसंद होता है, लेकिन कया आप जानते है करेला भी लकवा की परेशानी से आराम दिलाने में सहायक होता है| करेले में मौजूद औषधीय गुण और जरुरी पोषक तत्व लकवा की परेशानी को कम करने में सहायक होते है| लकवे के मरीज को नियमित रूप से करेले की सब्जी या करेले का रस देने से जल्द लकवा से प्रभावित अंगों में सुधार आने लगता है| करेले को आप लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार भी कह सकते है|

लकवे की घरेलू दवा है प्याज (home remedies for paralysis in hindi)

अगर आपके परिवार में कोई सदस्य लकवे की परेशानी से ग्रसित है और लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार सर्च कर रहे है तो प्याज आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है| प्याज में मौजूद औषधीय गुण और जरुरी पोषक तत्व लकवे का असर कम करने में मददगार साबित होते है| नियमित रूप से कच्ची प्याज या प्याज के रस का सेवन करने से कुछ दिनों में ही लकवा की परेशानी से आराम मिलता है|

लहसुन का देसी इलाज है लहसुन और मक्खन (home remedies for paralysis in hindi)

आज भी काफी सारे इंसान लकवे की परेशान से राहत पाने के लिए लकवे की देसी दवा या लकवा का देसी इलाज ढूंढ़ते है| सबसे पहले लहसुन की कलियों को छीलकर उन्हें महीन पीस कर पेस्ट बना लें, फिर इस पेस्ट मक्खन अच्छी तरह से मिलाकर सेवन कर लें, इस उपाए को नियमित रूप से करने से जल्द आराम मिल सकता है|

पैरालिसिस से छुटकारा दिलाने में सहायक है तुलसी और दही (home remedies for paralysis in hindi)

तुलसी का पौधा लगभग हर घर में मिल जाता है, तुलसी बहुत सारी परेशानियो को दूर करने में सहायक होती है| अगर आप लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस की घरेलू दवा सर्च कर रहे है तो सबसे पहले तुलसी के पत्तो को लेकर अच्छी तरह से धो कर महीन पीस कर पेस्ट बना लें| फिर तुलसी के पत्तो का पेस्ट, दही और थोड़ा सा सेंधा नमक लेकर तीनो चीजों को अच्छी तरह से मिला लें| फिर इस मिश्रण को लकवे से प्रभावित अंग पर अच्छी तरह से लेप कर दें फिर इस लेप को कुछ समय के लिए लगा रहने दें उसके बाद किसी कपड़ें से पोंछ लें| नियमित रूप से इस लेप को करने से जल्द आराम मिल सकता है|

लकवे का घरेलू इलाज है कलोंजी का तेल (home remedies for paralysis in hindi)

कलोंजी के तेल के बारे में सभी को पता होता है, अगर आपको इस तेल के बारे में जानकारी नहीं है तो आप पंसारी की दूकान से कलोंजी का तेल खरीद सकते है| सबसे पहले किसी कटोरी में थोड़ा सा कलोंजी का तेल लेकर उसे हल्का गर्म कर लें, फिर लकवे से प्रभावित अंग में इस तेल को अच्छी तरह से लगाकर हल्के हाथो से मालिश करेंl नियमित रूप से कलोंजी के तेल की मालिश करने से आपको जल्द आराम दिख सकता है|

पैरालिसिस का अचूक इलाज है लहसुन | लहसुन से लकवे का इलाज  (home remedies for paralysis in hindi)

अब हम आपको लकवा का देसी इलाज बताने जा रहे जो बहुत ज्यादा असरदायक माना जाता है और शायद आपने इस नुस्खे के बारे में पहले भी सुना होगा| लेकिन हम आपको खासतौर पर यह सलाह देंगे की इस नुस्खे को करने से पहले किसी माहिर वैध या एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह जरूर लें, बिना सलाह के इस नुस्खे को बिलकुल भी ना करें| लहसुन से लकवे का इलाज करने के लिए आपको लहसुन की एक कली लेनी है और उसे छीलकर पानी के साथ खा लेनी है, दूसरे दिन दो कली, तीसरे दिन तीन कली इसी तरह 21वें दिन 21 लहसुन की कली खानी है उसके बाद इस प्रक्रिया को उल्टा कर देना है|

हर दिन एक कली घटानी है इसे आप ऐसे भी समझ सकते है की 22वे दिन आपको 20 कली खानी है,  23वे दिन 19 कली खानी है बस इसी तरह रोज एक कली घटाते हुए खानी है| दिन पुरे होने पर आपको इस उपाय को बंद कर देना है, इस नुस्खे से लकवा की बीमारी में बहुत जल्द राहत मिलती है| लहसुन की तासीर गर्म होती है इसीलिए अधिक मात्रा में लहसुन खाने की वजह से परेशानी हो सकती है इसीलिए बिना आयुर्वेदिक वैध या डॉक्टर की सलाह के बिना इस नुस्खे को ना करें|

पैरालिसिस या लकवा की परेशानी में कया खाएं और कया नहीं खाना चाहिए

जब किसी भी इंसान के शरीर में लकवा की परेशानी हो जाती है तो पीड़ित को अपने खाने पीने का खास ख्याल रखना होता है| लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार करने के साथ अगर आप अपने खाने पीने का ख्याल नहीं रखते है तो आपकी परेशानी जल्द दूर नहीं होगी और हो सकता है की परेशानी बढ़ जाएं| लेकिन हम आपको सलाह देंगे की लकवा से पीड़ित मरीज के खाने पीने के लिए एक बार डॉक्टर से परामर्श भी जरूर लें| अगर आप यह नहीं पता है की लकवा में कया खाना चाहिए और लकवा में कया नहीं खाना चाहिए तो अब हम आपको इस बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है

लकवा में कया खाएं या लकवा के मरीज को कया खाना चाहिए

काफी इंसानो के मन में यह सवाल होता है की लकवा के मरीज को कया खाना चाहिए, तो अगर आप लकवा की समस्या से पीड़ित है तो आपको निम्न चीजों का सेवन करना चाहिए

  • लकवा के मरीज को गेहूं,  जौ और बाजरा की रोटी का सेवन करना चाहिए
  • पैरालिसिस से पीड़ित इंसान मूंग दाल और कुलथ दाल खानी चाहिए
  • मरीज के लिए ताज़ी सब्जियां ही बनाए, लकवा के मरीज को कौन सी सब्जी खानी चाहिए तो हम आपको बता दें की लकवा के मरीज को हरी सब्जियां जैसे पालक, सहजन, ब्रोकली, पत्ता गोभी कहानी चाहिए|
  • लकवा के मरीज को कौन से फल खाने चाहिए तो हम आपको बता दें की लकवा के मरीज के लिए अनार, सेब, फालसा, पपीता, अंगूर, तरबूज और चेरी का सेवन फायदेमंद हो सकता है|
  • पैरालिसिस से ग्रसित इंसान के नारियाल पानी भी लाभकारी होता है
  • सिमित मात्रा में ग्रीन टी पीना भी लकवे के मरीज के लिए फायदेमंद होता है|
  • लकवे के मरीज के लिए बादाम का सेवन भी फायदेमंद होता है|
  • लकवे से ग्रसित हिस्से में अरंड के तेल से मालिश करना लाभकारी होता है
  • लकवे के मरीज के लिए सब्जी बनाते समय उसमे अदरक, हींग और लहसुन का इस्तेमाल करने से आराम मिलता है|
  • अलसी के बीज के फायदे लकवा की परेशानी में भी देखने को मिलते है इसीलिए अलसी के बीज का सेवन भी कर सकते है, अलसी के बीजो का सेवन सिमित मात्रा में ही करें|

लकवा के मरीज क्या ना नहीं खाना चाहिए | पैरालिसिस में परहेज

अगर लकवा की परेशानी से पीड़ित इंसान परहेज नहीं करते है तो उनकी परेशानी ठीक होने में काफी समय लगता है| अगर आपको पैरालिसिस में कया नहीं खाना चाहिए या लकवा में परहेज के बारे में जानकारी नहीं है तो नीचे हम आपको बताते है की लकवा के मरीज को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए

  • लकवा की परेशानी से पीड़ित इंसान को नया अनाज और मैदा से बनी हुई चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए|
  • पैरालिसिस के मरीज को अरहर,  मटर,  चना जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • काफी इंसानो को यह नहीं पता होता है की लकवा के मरीज को किन सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए तो हम आपको बता दें की लकवा के मरीज को आलू, नींबू, मटर, करेला, बेंगन, कटहल, भिंडी और फूलगोभी का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • फलो की बात करें तो लकवा के मरीज को जामुन और केले नहीं खाने चाहिए|
  • लकवा के मरीज को ज्यादा तला भुना भोजन करने से परहेज करना चाहिए, समोसे और चाट पकोड़ी का सेवन करने से परहेज करें|
  • चाय का सेवन करने से बचें|
  • खाने में नमक कम मात्रा में करना चाहिए|
  • पैरालिसिस के मरीज को भारी भोजन जैसे उड़द, राजमा, छोले, सोयाबीन और पनीर इत्यादि से परहेज करना चाहिए
  • मिर्च मसाले युक्त भोजन करने से परहेज करना चाहिए|
  • शराब और अन्य मादक पदार्थो का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए|
  • मांस और मांस से बने सूप का सेवन करने से बचें|
  • जंक फ़ूड का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए|

निष्कर्ष – हम आशा करते है की आपको हमारे लेख लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार (home remedies for paralysis in hindi) में दी गई जानकारी पसंद आई होगी लेकिन अंत में हम आपको सलाह देंगे की लकवा का देसी इलाज में बताए गए घरेलू नुस्खों का उपयोग करने से पहले वैध या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें| अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद नहीं आई है तो आप गूगल या बिंग पर लकवा का देसी इलाज या पैरालिसिस का घरेलू उपचार (home remedies for paralysis in hindi) लिखकर सर्च कर सकते है|

लकवा कितने दिन में ठीक होता है | लकवा किस विटामिन की कमी से होता है | पुराना से पुराना लकवा का इलाज | लकवा का देसी इलाज

error: Content is protected by DCMA !!
टाइफाइड के लक्षण (typhoid symptoms in hindi) jaldi mote hone ki 5 best homeopathic dawa